Donald Trump Tariff: कोर्ट ने दिया ट्रंप को झटका, टैरिफ को बताया ‘अवैध और अधिकारों का अतिक्रमण’.. जानें क्या भारत को मिलेगी इस फैसले से राहत?

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इससे पहले, ट्रंप ने अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) के तहत अपने उपायों को उचित ठहराया था। यह 1977 का एक कानून है जिसका इस्तेमाल ऐतिहासिक रूप से राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान प्रतिबंध लगाने या संपत्ति ज़ब्त करने के लिए किया जाता है।

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  • Publish Date - August 30, 2025 / 08:41 AM IST,
    Updated On - August 30, 2025 / 08:42 AM IST

Donald Trump Tariff || Image- IBC24 News

HIGHLIGHTS
  • कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को बताया अवैध
  • टैरिफ लगाने को अधिकारों का अतिक्रमण कहा गया
  • भारत को मिल सकती है व्यापार में राहत

Donald Trump Tariff: वाशिंगटन डीसी: अमेरिका की एक फेडरल अपील अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ पॉलिसी को बड़ा झटका दिया है। वाशिंगटन डीसी स्थित कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गये ज़्यादातर टैरिफ अवैध हैं। हालांकि कोर्ट के इस फैसले के बावजूद, टैरिफ 14 अक्टूबर तक लागू रहेंगे। इससे ट्रम्प प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील करने का समय मिल जाएगा।

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‘अधिकारों का अतिक्रमण किया है’ : फेडरल कोर्ट

वाशिंगटन डीसी स्थित संघीय सर्किट के लिए अमेरिकी अपील न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि ट्रम्प ने इमरजेंसी पॉवर के कानूनों के तहत टैरिफ लगाकर अपने अधिकारों का अतिक्रमण किया है।

Donald Trump Tariff: रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत के आदेश में कहा गया है, “यह कानून राष्ट्रपति को घोषित राष्ट्रीय आपातकाल के जवाब में कई कार्रवाई करने के लिए महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान करता है, लेकिन इनमें से किसी भी कार्रवाई में स्पष्ट रूप से टैरिफ, शुल्क या इसी तरह की कार्रवाई करने या कर लगाने की शक्ति शामिल नहीं है।”

न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय ने 28 मई को ही फैसला सुना दिया था कि ट्रंप ने टैरिफ लगाकर अपने अधिकार का अतिक्रमण किया है। यह फैसला तीन न्यायाधीशों वाले पैनल ने सुनाया था, जिसमें ट्रंप द्वारा नियुक्त एक न्यायाधीश भी शामिल था। वाशिंगटन की एक अन्य अदालत भी इसी निष्कर्ष पर पहुँची है, और सरकार ने इसके खिलाफ अपील की है।

गौरतलब है कि, यह फैसला ट्रम्प द्वारा अप्रैल में ट्रेड वार के हिस्से के रूप में लागू किए गए “पारस्परिक” टैरिफ और फरवरी में चीन , कनाडा और मैक्सिको के खिलाफ घोषित टैरिफ के एक अलग सेट पर लागू होता है । हालाँकि, अन्य टैरिफ, जैसे कि स्टील और एल्युमीनियम पर विभिन्न कानूनों के तहत लगाए गए टैरिफ, इससे प्रभावित नहीं होंगे हैं।

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क्या है डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया

Donald Trump Tariff: कोर्ट के इस फैसले पर ट्रंप ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी टैरिफ अभी भी लागू हैं और उन्हें लागू रखने के लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट से “मदद” की उम्मीद है। उन्होंने अपील अदालत को “पक्षपातपूर्ण” और उसके फ़ैसले को “गलत” बताया। उन्होंने टैरिफ को अमेरिका की जीत या हार का मामला बताते हुए राष्ट्रवादी रुख़ अपनाया है। उन्होंने जारी बयान में कहा कि टैरिफ़ मेड इन अमेरिका उत्पादों को समर्थन देने का “सबसे अच्छा माध्यम” हैं।

इससे पहले, ट्रंप ने अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) के तहत अपने उपायों को उचित ठहराया था। यह 1977 का एक कानून है जिसका इस्तेमाल ऐतिहासिक रूप से राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान प्रतिबंध लगाने या संपत्ति ज़ब्त करने के लिए किया जाता है। वह टैरिफ लगाने के लिए IEEPA का इस्तेमाल करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे। अदालत के फैसले में कहा गया, “ऐसा प्रतीत नहीं होता कि कांग्रेस ने आईईईपीए को लागू करते समय अपनी पिछली प्रथा से हटने और राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का असीमित अधिकार देने का इरादा किया था।”

प्रश्न 1: कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर क्या फैसला सुनाया है?

उत्तर: अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने ट्रंप के ज़्यादातर टैरिफ को अवैध और अधिकारों का अतिक्रमण बताया है।

प्रश्न 2: क्या यह फैसला भारत को राहत पहुंचा सकता है?

उत्तर: हां, अगर टैरिफ पूरी तरह से हटते हैं तो भारत को व्यापार में राहत मिल सकती है।

प्रश्न 3: ट्रंप ने इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

उत्तर: ट्रंप ने फैसले को पक्षपातपूर्ण बताया और सुप्रीम कोर्ट में अपील की उम्मीद जताई।