E20 Petrol Mileage: आपकी गाड़ी दे रही है कम माइलेज? सिर्फ E20 पेट्रोल को मत दीजिए दोष, सरकार ने बताई ये चौंकाने वाली असली वजह!

Ads

E20 Petrol Mileage: सरकार ने E20 पेट्रोल से माइलेज घटने और तेल में पानी मिलावट के दावों पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि कम माइलेज या ईंधन संबंधी समस्याओं के पीछे केवल E20 जिम्मेदार नहीं है बल्कि वाहन की स्थिति, रखरखाव और अन्य कारणों की भी भूमिका हैं।

  •  
  • Publish Date - August 16, 2026 / 02:09 PM IST,
    Updated On - August 16, 2026 / 02:11 PM IST

(E20 Petrol Mileage/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • E20 में 20% इथेनॉल होता है।
  • माइलेज 3-5% तक घट सकता है।
  • माइलेज पर ड्राइविंग का भी असर।

नई दिल्ली: E20 Petrol Mileage: देश में E20 पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों के बीच कई तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि 20 प्रतिशत इथेनॉल वाला E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उनकी गाड़ी का माइलेज (E20 Petrol Mileage Drop) कम हो गया है। इस मामले पर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि माइलेज कम होने के लिए केवल E20 पेट्रोल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

माइलेज पर कई चीजों का असर

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, गाड़ी का वास्तविक माइलेज (E20 Petrol Mileage) कई बातों पर निर्भर करता है। ड्राइविंग का तरीका, सड़क पर ट्रैफिक, टायरों में हवा का सही दबाव, वाहन की सर्विसिंग और एसी का इस्तेमाल माइलेज को प्रभावित कर सकते हैं। गाड़ी की उम्र, उसकी हालत और उसे किस तरह की सड़क पर चलाया जा रहा है, इसका भी प्रभाव पड़ता है।

E20 से 3 से 5% तक कमी संभव

सरकार ने यह भी माना है कि कुछ वाहनों में E20 पेट्रोल के कारण माइलेज (E20 Petrol Mileage Drop) करीब 3 से 5 प्रतिशत तक कम हो सकता है। हालांकि, मंत्रालय का कहना है कि सड़क पर मिलने वाले वास्तविक माइलेज में कमी का पूरा कारण सिर्फ पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा नहीं है। E20 को बाजार में उतारने से पहले वाहनों और ईंधन की पर्याप्त जांच की गई थी।

पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की वजह

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में आयात पर निर्भरता घटाने और घरेलू स्तर पर बनने वाले इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की नीति अपनाई गई है। इससे देश में वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।

पेट्रोल में पानी मिलने का दावा गलत

E20 पेट्रोल में पानी या ज्यादा क्लोराइड मिलने के दावों को सरकारी तेल कंपनियों ने गलत बताया है। देशभर में किए गए परीक्षणों में रिफाइनरियों के 100 से ज्यादा सैंपल में क्लोराइड 1 पीपीएम या उससे कम मिला। 80 से ज्यादा E20 सैंपल भी तय सीमा के अंदर पाए गए। करीब 90,000 पेट्रोल पंपों के भूमिगत टैंकों की जांच में भी पानी घुसने का सबूत नहीं मिला। सरकार के मुताबिक, E20 को लेकर फैली शिकायतों (E20 Petrol Mileage) को समझने के लिए केवल ईंधन नहीं, बल्कि वाहन और उसके इस्तेमाल से जुड़े दूसरे कारणों को भी देखना जरूरी है।

इन्हें भी पढ़ें:

E20 पेट्रोल क्या है?

E20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है।

क्या E20 से गाड़ी का माइलेज कम होता है?

कुछ गाड़ियों में E20 के कारण माइलेज 3 से 5% तक कम हो सकता है।

क्या माइलेज कम होने की वजह सिर्फ E20 है?

नहीं। ड्राइविंग, ट्रैफिक, टायर प्रेशर, एसी और गाड़ी की हालत भी माइलेज को प्रभावित करते हैं।

क्या E20 पेट्रोल में पानी मिलाया जा रहा है?

सरकारी जांच में पेट्रोल में पानी की मिलावट का कोई सबूत नहीं मिला है।