नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) देश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष 2026-27 में 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। यह चालू वित्त वर्ष के 7.4 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा कम है। संसद में बृहस्पतिवार को पेश आर्थिक समीक्षा में यह कहा गया है।
बजट से पहले पेश समीक्षा में कहा गया है, ‘‘कुल मिलाकर वैश्विक अनिश्चितता के बीच वृद्धि का दृष्टिकोण मजबूत है। इसके लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लेकिन निराशावादी होने की जरूरत नहीं है।’’
आर्थिक वृद्धि अनुमान में हाल के वर्षों में किए गए नीतिगत सुधारों के प्रभाव को ध्यान में रखा गया है। इससे अर्थव्यवस्था की मध्यम अवधि की वृद्धि क्षमता सात प्रतिशत के करीब पहुंच गई है।
इसमें कहा गया, ‘‘घरेलू कारकों की प्रमुख भूमिका और वृहद आर्थिक स्थिरता के मजबूत होने के कारण, वृद्धि से जुड़े जोखिमों को लेकर स्थिति मोटे तौर पर संतुलित बनी हुई है।’’
भाषा रमण अजय
अजय