इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग 2030 तक चार करोड़ नौकरियां पैदा करेगा: रिपोर्ट

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इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग 2030 तक चार करोड़ नौकरियां पैदा करेगा: रिपोर्ट

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  • Publish Date - August 5, 2026 / 03:44 PM IST,
    Updated On - August 5, 2026 / 03:44 PM IST

मुंबई, पांच अगस्त (भाषा) इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उद्योग 2030 तक तीन से चार करोड़ नौकरियां पैदा कर सकता है। इस दौरान इंजीनियरिंग, ऊर्जा प्रणालियों और बैटरी प्रौद्योगिकियों में विशेष प्रतिभा की बढ़ती मांग के चलते नियुक्तियों में सालाना 15-20 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है।

मानव संसाधन कंपनी एडेको इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यात्री वाहनों, वाणिज्यिक बेड़ों, दोपहिया वाहनों और सार्वजनिक परिवहन में ईवी को अपनाने में तेजी आ रही है, इसलिए भारत का ईवी उद्योग अपने सबसे अधिक रोजगार-गहन चरण में प्रवेश कर रहा है।

इसमें आगे कहा गया कि यह खंड वाहन निर्माण के अवसर से विकसित होकर अब एक पूरी तरह से एकीकृत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) बन रहा है।

रिपोर्ट कहती है कि ईवी क्षेत्र में 2030 तक तीन से चार करोड़ नौकरियां पैदा होने का अनुमान है, जिसमें 10-15 प्रतिशत प्रत्यक्ष और 85-90 प्रतिशत अप्रत्यक्ष नौकरियां होंगी।

यह रिपोर्ट 100 से अधिक कंपनियों के निष्कर्षों पर आधारित है। इसके मुताबिक, नियुक्तियों में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। इस दौरान इंजीनियरिंग, ऊर्जा प्रणालियों और बैटरी प्रौद्योगिकियों में विशेष रूप से अवसर तैयार होंगे।

एडेको इंडिया के निदेशक दीपेश गुप्ता ने कहा, ‘‘भारत इस समय यात्री कार खंड में वैश्विक ईवी उद्योग में चार प्रतिशत का योगदान देता है और दोपहिया खंड में 17 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रखता है।’’

उन्होंने कहा कि दिल्ली की 7,000 करोड़ रुपये की ‘ईवी नीति 2026’ और सब्सिडी पोर्टल सहित कई राज्य अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर प्रोत्साहन दे रहे हैं।

भाषा अजय पाण्डेय

अजय