(ITR Refund Delay/ Image Credit: Pexels)
नई दिल्ली: ITR Refund Delay: अगर आपने समय पर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल कर दिया है। लेकिन अभी तक टैक्स रिफंड आपके बैंक खाते में नहीं (ITR Refund Delay) पहुंचा है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। कई बार रिटर्न प्रोसेस होने के बाद भी रिफंड आने में समय लग सकता है। वहीं, कुछ छोटी गलतियों की वजह से भी आपका पैसा अटक सकता है।
जब कोई टैक्सपेयर TDS, TCS, एडवांस टैक्स या सेल्फ असेसमेंट टैक्स के जरिए अपनी वास्तविक टैक्स देनदारी से ज्यादा रकम जमा कर देता है तो अतिरिक्त राशि रिफंड के रूप में वापस मिलती है। इनकम टैक्स विभाग ITR की जांच के बाद तय करता है कि कितना रिफंड जारी किया जाना है। आमतौर पर ई-वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद रिफंड प्रोसेस शुरू होता है और बैंक खाते में पैसा आने में करीब 4 से 5 हफ्ते लग सकते हैं।
ITR रिफंड पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी होना आवश्यक है। आपका ई-फाइलिंग अकाउंट एक्टिव होना चाहिए। PAN और Aadhaar लिंक होना जरूरी है। इसके अलावा ITR सही तरीके से दाखिल होना चाहिए और रिफंड क्लेम किया गया होना चाहिए। बैंक खाते की जानकारी भी सही और प्री-वैलिडेटेड होनी चाहिए, ताकि भुगतान में कोई परेशानी न आए।
कई बार छोटी-छोटी गलतियों के कारण रिफंड में देरी (ITR Refund Delay) हो जाती है। गलत बैंक अकाउंट नंबर, गलत IFSC कोड, PAN निष्क्रिय होना या बैंक खाते का नाम PAN से अलग होना इसकी वजह बन सकता है। इसके अलावा बंद, फ्रीज या निष्क्रिय बैंक अकाउंट, बैंक की तकनीकी समस्या, पुराने टैक्स बकाया के साथ रिफंड एडजस्ट होना या ITR में किसी जानकारी की गड़बड़ी के कारण भी पैसा रुक सकता है।
अगर 4 से 5 हफ्तों के बाद भी रिफंड नहीं मिलता है तो सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर रिफंड स्टेटस चेक करें। इसके साथ ही अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल को भी जरूर देखें। कई बार विभाग किसी कमी या अतिरिक्त जानकारी के लिए नोटिस भेज सकता है। ऐसे नोटिस का समय पर जवाब देना जरूरी है वरना रिफंड में और देरी हो सकती है।
टैक्स रिफंड में देरी से बचने (ITR Refund Delay) के लिए ITR भरते समय बैंक डिटेल, PAN, आय और टैक्स से जुड़ी सभी जानकारी सही देना जरूरी है। रिटर्न फाइल करने के बाद भी समय-समय पर पोर्टल पर स्टेटस चेक करते रहें, ताकि किसी समस्या का समाधान जल्दी किया जा सके।