किसान अपनी फसल कहीं भी बेच सकेंगे, कानून बनाने की तैयारी में सरकार, किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है मकसद

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किसान अपनी फसल कहीं भी बेच सकेंगे, कानून बनाने की तैयारी में सरकार, किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है मकसद

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  • Publish Date - May 16, 2020 / 06:44 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:28 PM IST

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज के तीसरे चरण में उन्‍होंने 11 बातों का ऐलान किया। उन्‍होंने बताया कि PM मत्‍सय संपदा योजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपए देने का प्रावधान किया गया है।

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वित्त मंत्री के मुताबिक सरकार एक केंद्रीय कानून लाएगी जहां किसानों के पास ये अधिकार और आज़ादी होगी कि वे अपनी फसल किसे और किस दाम पर बेचें। फिलहाल किसान को अपनी फसल बाजार में केवल लाइसेंस धारक APMC को ही बेचना पड़ता है। एक केंद्रीय कानून के तहत उन्हें किसी भी राज्य में अपना उत्पाद ले जाकर बेचने की छूट होगी। साथ ही किसानों की आमदनी पक्‍की करने के भी इंतजाम होंगे।

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निर्मला सीतारमण के मुताबिक एग्री सेक्‍टर में तेजी लाने के लिए 1955 के आवश्यक वस्तु अधिनियम को बदला जाएगा। इससे किसानों की इनकम बढ़ेगी। किसानों को कम दाम पर उत्पाद बेचना पड़ता था। तिलहन, दलहन, प्याज, आलू को अनियमित किया जाएगा ताकि किसानों को लाभ मिल सके।

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टॉप टू टोटल योजना के तहत 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पहले यह टमाटर, आलू और प्याज के लिए था लेकिन अब अन्य सभी फल और सब्जियों के लिए लागू किया जाएगा, जो खाने की चीजें खराब होने का अंदेशा रहता था, उन्‍हें किसान को कम दाम पर बेचना पड़ता था। इस योजना के तहत सभी फल सब्जियों को लाने से 50 फीसदी सब्सिडी मालभाड़े और 50 फीसदी स्टोरेज, कोल्ड स्टोरेज के लिए दी जाएगी।

 

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