वित्त मंत्री ने वित्तीय क्षेत्र से साइबर सुरक्षा पर अत्यंत सतर्कता बरतने को कहा

वित्त मंत्री ने वित्तीय क्षेत्र से साइबर सुरक्षा पर अत्यंत सतर्कता बरतने को कहा

वित्त मंत्री ने वित्तीय क्षेत्र से साइबर सुरक्षा पर अत्यंत सतर्कता बरतने को कहा
Modified Date: April 25, 2026 / 01:33 pm IST
Published Date: April 25, 2026 1:33 pm IST

मुंबई, 25 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्तीय क्षेत्र में विनियमित संस्थाओं से साइबर सुरक्षा जोखिमों के प्रति अत्यंत सतर्क रहने का आग्रह किया।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के 38वें स्थापना दिवस समारोह में सीतारमण ने कहा कि किसी भी शेयर बाजार या अभिरक्षक संस्था (डिपॉजिटरी) पर एक भी साइबर हमला आर्थिक गतिविधियों को बाधित कर सकता है और आम लोगों के विश्वास को प्रभावित कर सकता है।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित नए और उन्नत उपकरणों के आने से स्वचालित साइबर हमलों का खतरा बढ़ा है, जिससे साइबर सुरक्षा की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

सीतारमण ने कहा, “केवल सेबी ही नहीं, बल्कि सभी विनियमित संस्थाओं को अत्यंत सतर्क रहना होगा। हमले के तरीके तेजी से विकसित हो रहे हैं और बचाव के साधनों को उससे भी अधिक तेजी से विकसित करना होगा।”

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एआई कंपनी एंथ्रोपिक के नए ‘माइथोस’ मंच को लेकर साइबर सुरक्षा क्षमताओं पर चिंताएं बढ़ी हैं, जिसके कारण विभिन्न देशों के नियामक संभावित व्यवधानों को रोकने के उपायों पर विचार कर रहे हैं।

वित्त मंत्री ने सेबी से आग्रह किया कि वह वैश्विक नियामक संस्थाओं के साथ नियमित परामर्श की एक व्यवस्था को संस्थागत रूप दे, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय नियमन को अन्य देशों की नकल नहीं करनी चाहिए।

विदेशी पूंजी प्रवाह को लेकर बनी असहजता के बीच उन्होंने कहा कि नियामकों के बीच इस तरह का संवाद वैश्विक निवेशकों में भरोसा बढ़ा सकता है।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय


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