पान मसाला की पैकेजिंग को पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों से बदलने का एफएसएसएआई ने रखा प्रस्ताव
पान मसाला की पैकेजिंग को पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों से बदलने का एफएसएसएआई ने रखा प्रस्ताव
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई ने मंगलवार को पान मसाले की प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री को कागज, सेल्युलोज और अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों से बदले जाने का प्रस्ताव दिया।
खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018 में संशोधन का प्रस्ताव करते हुए एफएसएसएआई ने कहा कि प्रस्तावित बदलाव खाद्य क्षेत्र में सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग तौर-तरीकों को बढ़ावा देने के मौजूदा प्रयासों का हिस्सा हैं, जिसमें उद्योग की जरूरतों और तकनीकी व्यावहारिकता को भी ध्यान में रखा गया है।
पान मसाला देश में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं में से एक है।
मसौदा अधिसूचना में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने पान मसाले के लिए सुझाई गई पैकेजिंग सामग्री की सूची का विस्तार करने की मांग की है, जिसमें कागज, पेपरबोर्ड, सेल्युलोज और इसी तरह की अन्य प्राकृतिक रूप से प्राप्त चीज़ों को शामिल किया गया है।
नियामक के अनुसार, ये चीजें खाद्य पैकेजिंग में अपनी उपयुक्तता और उद्योग के बदलते तौर-तरीकों का समर्थन करने की अपनी क्षमता के लिए व्यापक रूप से पहचानी जाती हैं।
खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) संशोधन विनियम, 2026 के मसौदे के अनुरूप ऐसी पैकेजिंग सामग्री प्लास्टिक से मुक्त होनी चाहिए।
मसौदा अधिसूचना के अनुसार, ‘प्लास्टिक सामग्री का उपयोग गुटखा, पान मसाला और तंबाकू को किसी भी रूप में पैक करने के लिए किसी भी पैकेज में नहीं किया जाएगा।’
इसके लिए अगले 30 दिनों में अंशधारकों की ओर से टिप्पणियां दी जा सकती हैं।
ये प्रस्ताव प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अनुरूप भी हैं।
इसमें आगे कहा गया है कि प्लास्टिक सामग्री का उपयोग करने वाले पाउच का उपयोग गुटखा, तंबाकू और पान मसाले को रखने, पैक करने या बेचने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
प्रेम

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