एफडीआई नियमों में अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आसान बनाने पर विचार कर रही सरकार

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एफडीआई नियमों में अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आसान बनाने पर विचार कर रही सरकार

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 06:38 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 06:38 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) सरकार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में ‘डाउनस्ट्रीम’ यानी अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश से जुड़े प्रावधानों को आसान बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य देश में विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ाना और रोजगार के अवसरों का सृजन करना है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

‘डाउनस्ट्रीम’ निवेश से तात्पर्य विदेशी निवेश वाले भारतीय संस्थान के किसी अन्य भारतीय कंपनी की इक्विटी या पूंजी में किये गये निवेश से है। इसे अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी कहा जाता है।

सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्ताव फिलहाल विभिन्न मंत्रालयों के बीच विचार-विमर्श के चरण में है।

सरकार पिछले कुछ वर्षों से एफडीआई नीति को उदार बनाने के लिए कई सुधार कर रही है, ताकि आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा दिया जा सके और विदेशी पूंजी को आकर्षित किया जा सके।

निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने निवेशक अनुकूल एफडीआई नीति लागू की है। इसके तहत कुछ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में स्वत: मंजूर मार्ग से 100 प्रतिशत तक विदेशी निवेश की अनुमति है।

वर्तमान में देश में आने वाले कुल एफडीआई प्रवाह का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा स्वत: मंजूर मार्ग के जरिये आता है।

एक अधिकारी ने कहा कि भारत को विदेशी निवेश के लिए आकर्षक और अनुकूल गंतव्य बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार एफडीआई नीति की लगातार समीक्षा करती रहती है। इसके लिए विभिन्न पक्षों के साथ व्यापक परामर्श के बाद समय-समय पर बदलाव किए जाते हैं।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान कुल 843 अरब डॉलर का एफडीआई आकर्षित किया। यह इससे पहले 12 साल की अवधि की तुलना में 169 प्रतिशत अधिक है।

भाषा रमण अजय

अजय