लौह अयस्क की गोलियों के अवैध निर्यात पर तत्काल पूर्ण पाबंदी लगाए सरकार : एफआईएमएआई

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लौह अयस्क की गोलियों के अवैध निर्यात पर तत्काल पूर्ण पाबंदी लगाए सरकार : एफआईएमएआई

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  • Publish Date - November 24, 2020 / 02:09 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:24 PM IST

नयी दिल्ली, 24 नवंबर (भाषा) खनन कंपनियों के संगठन एफआईएमआई ने केंद्र सरकार से लौह अयस्क की गोलियों (पेलेट्स) के अवैध निर्यात पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि इससे घरेलू इस्पात कंपनियों को कच्चे माल की आपूर्ति करने में मदद मिलेगी।

फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल इंडस्ट्रीज (एफआईएमआई) ने इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस संबंध में एक पत्र लिखा है। एफआईएमआई ने सरकार से एकीकृत इस्पात उत्पादक कंपनियों के इस्पात बिक्री के लिए कीमत निगरानी और विनियमन व्यवस्था बनाने में भी तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लौह अयस्क की कीमतें बढ़ने का किसी तरह का अकारण असर घरेलू इस्पात की कीमतों पर न पड़े।

एफआईएमआई ने कहा, ‘‘ हमारा सरकार से अनुरोध है कि केआईओसीएल के अलावा अन्य निजी इकाइयों द्वारा लौह अयस्क की गोलियों के अवैध निर्यात पर तत्काल पूर्ण पाबंदी लगायी जाए। इससे घरेलू इस्पात विनिर्माता कंपनियों की कच्चे माल की जरूरत पूरा करने में मदद मिलेगी।’’

कुद्रेमुख लौह अयस्क निगम लिमिटेड (केआईओसीएल) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है।

पत्र में कहा गया है कि इस्पात क्षेत्र लौह अयस्क की कमी का सामना कर रहा है। इस्पात निर्माण में उपयोग होने वाला यह प्रमुख कच्चा माल है।

भाषा शरद मनोहर

मनोहर