सरकार ने घरेलू सौर विनिर्माण को मजबूत करने के लिए एएलएमएम ढांचे में इन्गोट-वेफर किए शामिल

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सरकार ने घरेलू सौर विनिर्माण को मजबूत करने के लिए एएलएमएम ढांचे में इन्गोट-वेफर किए शामिल

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  • Publish Date - March 18, 2026 / 02:06 PM IST,
    Updated On - March 18, 2026 / 02:06 PM IST

नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) सरकार ने घरेलू सौर विनिर्माण परिवेश को मजबूत करने और इसके घरेलू उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अनुमोदित मॉडलों एवं विनिर्माताओं की सूची (एएलएमएम) में इन्गोट तथा वेफर को शामिल किया है।

अब तक नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) की एएलएमएम सूची में केवल मॉड्यूल और सेल शामिल थे।

सोलर पैनल मॉड्यूल से बने होते हैं, जिनमें सेल होते हैं। सेल विनिर्माण इन्गोट पर निर्भर करता है और इन्गोट के लिए वेफर की आवश्यकता होती है।

एमएनआरई ने कहा कि इन्गोट और वेफर के लिए एएलएमएम सूची-III लागू करने का आदेश एक जून 2028 से प्रभावी होगा।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया, ‘‘ इस तिथि के बाद धारा-63 मार्ग के तहत प्रस्तुत बोली में एएलएमएम सूची-III के अनुरूप वेफर के उपयोग को अनिवार्य रूप से निर्दिष्ट करना होगा।’’

मंत्रालय ने हालांकि कहा, ‘‘ पहले से ही प्रक्रियाधीन परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए उपयुक्त प्रावधान किए गए हैं।’’

एमएनआरई के इस आदेश के तहत एएलएमएम सूची (जो पहले मॉड्यूल व सेल के लिए लागू थी) से अनिवार्य सोर्सिंग आवश्यकताओं का विस्तार करते हुए अब इन्गोट तथा वेफर को भी शामिल किया गया है, जो वर्तमान में बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि एएलएमएम ढांचे के विस्तार के साथ भारत ने मजबूत एवं आत्मनिर्भर सौर विनिर्माण परिवेश बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है।

उन्होंने कहा कि यह कदम घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देगा, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा, आयात पर निर्भरता घटाएगा और सौर मूल्य श्रृंखला में गुणवत्ता को बढ़ाएगा जिससे भारत नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक खिलाड़ी के रूप में उभरेगा।

अनुमोदित मॉडलों एवं विनिर्माताओं की सूची (एएलएमएम) आदेश, 2019 एक गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता ढांचा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि देश की सौर परियोजनाओं में उपयोग होने वाले उपकरण घरेलू विनिर्माण मानकों को पूरा करें।

यह ढांचा विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 63 के तहत प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से आवंटित परियोजनाओं और ‘नेट-मीटरिंग’ या ‘ओपन-एक्सेस’ परियोजनाओं पर लागू होता है।

एएलएमएम लागू होने के बाद से घरेलू सौर विनिर्माण में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। एएलएमएम सूची-I(सोलर पीवी मॉड्यूल) 2021 में 8.2 गीगावाट से बढ़कर वर्तमान में लगभग 172 गीगावाट हो गई है। हाल ही में शुरू की गई एएलएमएम सूची-II (सोलर पीवी सेल) केवल सात महीनों में 27 गीगावाट तक पहुंच गई है, जो घरेलू निवेश को प्रोत्साहित करने में इस ढांचे की प्रभावशीलता को दर्शाती है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा