नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) सरकार ने बुधवार को भारत में व्हाट्सऐप के विवादस्पद ‘यूजरनेम फीचर’ को लेकर मेटा को नोटिस दिया। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक इस मुद्दे पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस ‘फीचर’ को पेश नहीं किया जाए। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने मेटा को ‘यूजरनेम फीचर’ के बारे में तीन दिन के अंदर विस्तार से जानकारी देने का भी निर्देश दिया है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने व्हाट्सऐप पर ‘यूजरनेम फीचर’ पेश करने को लेकर मेटा को नोटिस जारी किया है। मेटा को नोटिस भेजकर पूछा गया है कि व्हाट्सऐप के प्रस्तावित ‘फीचर’ को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।
भारत में व्हाट्सऐप के लगभग 50 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। इस लिहाज से यह इस मंच के लिए एक अहम बाजार है।
सूत्रों ने बताया कि मेटा के स्वामित्व वाले मंच को निर्देश दिया गया है कि जब तक इस मामले पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस ‘फीचर’ को पेश नहीं किया जाए।
व्हाट्सऐप के नये ‘यूजरनेम फीचर’ को लेकर चिंता बढ़ रही है कि यह ‘किसी और का रूप धारण कर’ धोखाधड़ी और ऑनलाइन घोटाले को बढ़ावा दे सकता है। इसको देखते हुए प्रौद्योगिकी कंपनी को नोटिस दिया गया है।
इससे पहले, सूत्रों ने कहा था कि मंच को भेजे जाने वाले नोटिस में इस ‘फीचर’, इससे जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था और कंपनी की इसे पेश करने योजनाओं के बारे में जानकारी मांगी जाएगी। साथ ही जांच एजेंसियां भी इस मामले की जांच कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि अगर यह पाया जाता है कि इससे सार्वजनिक सुरक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है, तो अधिकारी इस ‘फीचर’ को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे की भी जांच करेंगे। साथ ही यह भी देखेंगे कि क्या मौजूदा कानूनों में इसके क्रियान्वयन को रोकने का प्रावधान है।
मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप ने इस साल ‘यूजरनेम फीचर’ लाने की घोषणा की है। इससे उपयोगकर्ता अपना फोन नंबर साझा किए बिना बातचीत या चैट कर सकेंगे।
व्हाट्सऐप के अनुसार, इस कदम का मकसद फोन नंबर साझा करने की जरूरत को समाप्त कर उपयोगकर्ता की खासकर समूह चैट में या नए लोगों से जुड़ते समय निजता को मजबूत करना है।
हालांकि, कई स्टार्टअप संस्थापक, साइबर सुरक्षा पेशेवर और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रस्तावित ‘फीचर’ को लेकर चिंता जताई है। उनका तर्क है कि अगर सही सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो इसका इस्तेमाल कंपनियों, सरकारी एजेंसियों या मशहूर हस्तियों जैसे दिखने वाले ‘यूजरनेम’ का उपयोग दूसरों की पहचान चुराकर धोखाधड़ी और पैसों की गड़बड़ी के लिए किया जा सकता है।
सूत्र ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘सरकार को यह पक्का करना होगा कि इस ‘फीचर’ से कोई जोखिम न हो, क्योंकि इसे लेकर जायज चिंताएं हैं।
अगर व्हाट्सऐप का जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो सरकार इसके क्रियान्वयन को रोकने की कोशिश कर सकती है।
सूत्रों ने कहा, ‘‘जबतक वे इस बात का भरोसा नहीं दिलाते कि इसका दुरुपयोग नहीं होगा, तब तक आगे नहीं बढ़ सकते…।’’
इस बारे में व्हाट्सऐप को भेजे गए ईमेल का फिलहाल कोई जवाब नहीं मिला।
अधिकारियों ने कहा कि इस फीचर से उपयोगकर्ता सरकारी एजेंसियों या नामचीन हस्तियों जैसे यूजरनेम अपना सकते हैं, जिससे किसी और का रूप धारण करने और घोटाले का खतरा बढ़ सकता है।
कई स्टार्टअप संस्थापक, साइबर सुरक्षा पेशेवर और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रस्तावित ‘फीचर’ को लेकर चिंता जताई है।
उनका तर्क है कि अगर सही सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो इसका इस्तेमाल कंपनियों, सरकारी एजेंसियों या मशहूर हस्तियों जैसे दिखने वाले यूजरनेम का इस्तेमाल दूसरों की पहचान चुराकर धोखाधड़ी और पैसों की गड़बड़ी के लिए किया जा सकता है।
पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय शेखर शर्मा ने चेतावनी दी है कि अगर ठीक से सुरक्षा उपाय नहीं किये गये तो एक जैसे दिखने वाले यूजरनेम पहचान चुराने और घोटाले का बड़ा जरिया बन सकते हैं।
नॉट डेटिंग के संस्थापक और सीईओ जसबीर सिंह ने भी सवाल उठाया कि यह मंच उपयोगकर्ता की निजता और जवाबदेही के बीच कैसे संतुलन बनाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘फीचर’ भ्रम पैदा कर सकता है क्योंकि इससे धोखेबाजों या घोटाला करने वालों के लिए सही ब्रांड या संस्थानों से मिलते-जुलते ‘यूजरनेम’ लेकर असली होने का दिखावा करना आसान हो जाएगा।
भाषा
रमण अजय
अजय