गांधीनगर, 18 फरवरी (भाषा) गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.08 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें पर्यटन और 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए खेल बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है।
करीब 974 करोड़ रुपये के अधिशेष वाले इस बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है और इलेक्ट्रिक वाहन के लिए पांच प्रतिशत कर छूट को जारी रखा गया है।
देसाई ने बताया कि कुल परिव्यय पिछले वर्ष की तुलना में 10.2 प्रतिशत बढ़कर 4,08,053 करोड़ रुपये हो गया है।
बजट की एक मुख्य घोषणा अहमदाबाद को ‘ओलंपिक के लिए तैयार शहर’ के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना है। हालांकि, इससे पहले 2030 में गुजरात राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा।
मंत्री ने आगामी खेलों के बुनियादी ढांचे, अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल परिसरों और शहरी संपर्क के लिए 1,278 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा।
खेल विभाग के कुल 1,331 करोड़ रुपये के प्रावधान में से 500 करोड़ रुपये अहमदाबाद और एसवीपी स्पोर्ट्स एन्क्लेव के विकास के लिए निर्धारित किए गए हैं।
विभिन्न जिलों में खेल परिसरों के विकास के लिए 165 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
कराई में ओलंपिक स्तर के ढांचे और गांधीनगर में पैरा हाई परफॉर्मेंस सेंटर के लिए 100-100 करोड़ रुपये तथा हॉकी स्टेडियम के लिए 90 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
वर्ष 2026 को ‘गुजरात पर्यटन वर्ष’ घोषित करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य का लक्ष्य वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता हासिल करना है।
‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के पास सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 236 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
अंबाजी के समग्र विकास के लिए ‘गलियारा व्यापक विकास योजना’ को 300 करोड़ रुपये और सोमनाथ-अंबाजी में बस स्टेशन व परिवहन केंद्र के लिए 447 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
सोमनाथ और शिवराजपुर ‘बीच’ के विकास के लिए 60 करोड़ रुपये तथा विरासत स्थलों और गाइड के प्रशिक्षण के लिए 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
राज्य की समृद्ध विरासत को देखते हुए ‘वेड इन गुजरात’ जैसे विशेष अभियान के जरिये प्रदेश को एक ‘विवाह स्थल’ के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा।
शहरी विकास के लिए ‘स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना’ के तहत 16,116 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं, जो 17 प्रतिशत की वृद्धि है।
मंत्री ने वैश्विक स्तर पर गुजरात की सांस्कृतिक और खेल आकांक्षाओं के साथ-साथ आर्थिक वृद्धि के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे की प्रतिबद्धता दोहराई।
इलेक्ट्रिक वाहन पर मोटर वाहन कर में पांच प्रतिशत की छूट जारी रहने से नागरिकों को 210 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।
इन रियायतों के बाद भी बजट में 974 करोड़ रुपये का अनुमानित अधिशेष है।
भाषा सुमित अजय
अजय