चंडीगढ़, 20 मई (भाषा) मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य अपनी मधुमक्खी पालन नीति के तहत वर्ष 2030 तक शहद उत्पादन बढ़ाकर 15,500 टन करना है।
वह ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ के अवसर पर पंचकूला में हरियाणा बागवानी विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मधुमक्खी पालकों को संबोधित कर रहे थे।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए मधुमक्खी पालकों द्वारा लगाए गए उन स्टॉल का दौरा किया, जिनमें शहद और शहद से बने उत्पाद प्रदर्शित किए गए थे।
सैनी ने कहा कि राज्य सरकार जमीनी स्तर पर मधुमक्खी पालन की पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं।
विश्व मधुमक्खी दिवस के मौके पर मधुमक्खीपालक किसानो को अपनी शुभकामनायें देते हुए ‘कनफेडरेशन आफ एपीकल्चर इंडस्ट्रीज’ (सीएआई) के अध्यक्ष, देवव्रत शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण शहद एवं मधुमक्खीपालन से जुड़े तमाम उत्पादों का निर्यात प्रभावित है और किसानों को शहद एवं इसके तमाम अन्य उत्पादों के वाजिब दाम नहीं मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस समस्या को जल्द से जल्द दूर करने और मधुमक्खीपालक किसानों को वाजिब दाम सुनिश्चित करने के लिए शीर्ष संगठन ‘सीएआई’ की ओर से प्रयास जारी हैं और वैकल्पिक रास्तों को तलाशा जा रहा है। संकट के इस समय में सरकार से मधुमक्खीपालन से जुड़े किसानों के लिए राहत की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट को जल्द सुलझाने के लिए राजनयिक प्रयास किये जाने चाहिये।
वर्तमान में, मधुमक्खी पालकों को मधुमक्खी के बक्सों, मधुमक्खी कॉलोनियों और आवश्यक उपकरणों पर 85 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा वर्तमान में लगभग 5,000 टन शहद का उत्पादन करता है और लक्ष्य वर्ष 2030 तक शहद उत्पादन बढ़ाकर 15,500 टन करना है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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