नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कर्मचारियों की कुल संख्या में 3,343 की कमी दर्ज की गई।
कर्मचारियों की कमी ऐसे समय में हुई है, जब बैंक के बही-खाते में करीब 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
बैंक की ताजा सालाना रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कर्मचारियों की कुल संख्या घटकर 2,11,178 रह गई, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 2,14,521 थी।
इस दौरान कर्मचारियों के बैंक छोड़ने की दर 23.12 प्रतिशत रही।
वित्त वर्ष 2024-25 की समाप्ति के साथ बैंक में वरिष्ठ प्रबंधन कर्मचारियों की संख्या 247 से बढ़कर 262 हो गई, जबकि मध्यम स्तर के कर्मचारियों की संख्या 9,159 से बढ़कर 10,411 हो गई।
दूसरी ओर, वित्त वर्ष 2024-25 में गैर-पर्यवेक्षी (नॉन-सुपरवाइजरी) कर्मचारियों की संख्या 1,70,950 थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में घटकर 1,62,797 रह गई।
बैंक की कुल बही-खाता 31 मार्च, 2025 तक 11.6 प्रतिशत बढ़कर 43,64,886 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले साल 39,10,199 करोड़ रुपये था।
इसी अवधि में बैंक का कुल ऋण 12 प्रतिशत बढ़कर 29,37,166 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कुल जमा राशि 14 प्रतिशत बढ़कर 31,05,251 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी।
एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शशिधर जगदीशन ने शनिवार को जारी रिपोर्ट में कहा, ‘‘जैसे-जैसे हम प्रौद्योगिकी आधारित और ग्राहक-केंद्रित बैंक बनने की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहे हैं, कर्मचारियों को भी उसी रफ़्तार से आगे बढ़ना होगा…।’’
भाषा यासिर अजय
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