नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) समर्थित इकाई राजमार्ग इन्फ्रा इंवेस्टमेंट ट्रस्ट के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को बोली के अंतिम दिन शुक्रवार को 13.74 गुना अभिदान मिला।
एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक, 6,000 करोड़ रुपये के इस आईपीओ के तहत पेशकश की गई 21,33,33,150 यूनिट के मुकाबले कुल 2,93,14,93,200 यूनिट के लिए बोलियां मिलीं। इस तरह निर्गम को 13.74 गुना अभिदान मिला।
पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्से को 19.14 गुना अभिदान मिला जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों के खंड को 7.26 गुना अभिदान मिला।
राजमार्ग इन्फ्रा इंवेस्टमेंट ट्रस्ट (आरआईआईटी) ने निर्गम खुलने के पहले शुक्रवार को एंकर (प्रमुख) निवेशकों से 1,728 करोड़ रुपये जुटाए थे।
इस अवसंरचना निवेश ट्रस्ट के आईपीओ के लिए 99-100 रुपये प्रति यूनिट का मूल्य दायरा तय किया गया था। यह पहल राष्ट्रीय राजमार्ग के बुनियादी ढांचा के विकास में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस सार्वजनिक निवेश ट्रस्ट का मकसद राष्ट्रीय राजमार्ग की संपत्तियों से कमाई की संभावनाओं को खोलना है। इसके साथ ही एक उच्च-गुणवत्ता वाला, दीर्घकालिक निवेश साधन तैयार करना भी इसका मकसद है।
निर्गम के मसौदा प्रस्ताव के मुताबिक, राजमार्ग इन्फ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के आईपीओ का कुल आकार 6,000 करोड़ रुपये तक है।
इस इनविट के शुरुआती परियोजना समूह में झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक की पांच टोल संग्रह सड़कें शामिल हैं। ये सड़कें 260 किलोमीटर से अधिक लंबी हैं और ‘स्वर्ण चतुर्भुज’ परियोजना का हिस्सा हैं।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
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