लखनऊ, 13 मार्च (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में 1,519 करोड़ की लागत की ग्रीन कॉरिडोर परियोजना से जुड़े कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने अलग से बजट नहीं दिया और लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शहर में सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया और उसका समुचित उपयोग करके संसाधन जुटाकर करीब 1,519 करोड़ रुपये की लागत से इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम किया।
उन्होंने कहा कि शहरी विकास के मामले में यह मॉडल एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि किस प्रकार संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करके बड़ी परियोजनाओं पर काम किया जा सकता है।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत आईआईएम रोड से पक्का पुल तथा पक्का पुल (डालीगंज) से समता मूलक चौराहे तक के दो चरणों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनका लोकार्पण किया गया।
बयान में कहा गया है कि इसके साथ ही समता मूलक चौराहे से शहीद पथ और शहीद पथ से किसान पथ तक के तीसरे व चौथे चरण का शिलान्यास भी किया गया है।
बयान में कहा गया है कि परियोजना में शामिल मार्ग की लंबाई लगभग 28 किलोमीटर है, जिससे राजधानी के विभिन्न हिस्सों को आपस में जोड़कर यातायात को सुगम बनाया जाएगा।
बयान के अनुसार ग्रीन कॉरिडोर के बनने से राजधानी में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और पहले जिन मार्गों पर लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में 45 मिनट से एक घंटा लग जाता था, अब वही दूरी सिर्फ 10 से 15 मिनट में तय हो सकेगी। इससे समय की बचत होगी और शहर में जाम की समस्या भी कम होगी।
भाषा आनन्द जोहेब
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