हिंदुस्तान जिंक की चालू वित्त वर्ष में 5,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश की योजना

हिंदुस्तान जिंक की चालू वित्त वर्ष में 5,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश की योजना

हिंदुस्तान जिंक की चालू वित्त वर्ष में 5,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश की योजना
Modified Date: July 26, 2026 / 10:30 am IST
Published Date: July 26, 2026 10:30 am IST

नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल) चालू वित्त वर्ष में करीब 50-60 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 5,000 करोड़ रुपये) का पूंजीगत निवेश करेगी।

कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुण मिश्रा ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस निवेश का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पहले से चल रही परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा, जबकि 20 प्रतिशत राशि नई परियोजनाओं के लिए रखी गई है, जिनकी घोषणा जल्द की जाएगी।

उन्होंने बताया कि समूह की कुल परियोजना क्षमता 10 लाख टन है, जिसमें से 2.5 लाख टन (25 प्रतिशत) क्षमता को पहले ही 12,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ मंजूरी मिल चुकी है। इनमें खनन और खनिजीकरण से जुड़े कार्य शामिल हैं।

मिश्रा के अनुसार, खनन संबंधी उपकरणों के ऑर्डर दिए जा चुके हैं और स्मेल्टर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जबकि मिलिंग और कन्संट्रेट से जुड़े ऑर्डर अभी जारी होने बाकी हैं।

उन्होंने कहा कि शेष 6.5 लाख टन क्षमता के विस्तार के लिए भी लगभग इसी अनुपात में निवेश किया जाएगा। इसके लिए निवेश चरणबद्ध तरीके से अगले चार से पांच साल में किया जाएगा। इसके तहत कंपनी का औसत वार्षिक पूंजीगत व्यय 7,000-8,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। हालांकि, चालू वित्त वर्ष में इस निवेश का केवल 15-20 प्रतिशत ही वास्तविक नकद खर्च के रूप में दिखाई देगा।

हालांकि, उन्होंने नई परियोजनाओं की समयसीमा या उनसे संबंधित वित्तीय ब्योरा नहीं दिया।

वेदांता लि. की अनुषंगी हिंदुस्तान जिंस देश की प्रमुख जस्ता उत्पादक कंपनियों में से है। यह हाल के वर्षों में परिचालन के मोर्चे पर अपनी क्षमता बढ़ाने और दक्षता सुधारने के लिए लगातार निवेश कर रही है।

यह जस्ता, सीसा और चांदी उत्पादन के मामले में अग्रणी कंपनियों में शामिल है।

बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध हिंदुस्तान जिंक में वेदांता लिमिटेड की 60.71 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 27.92 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

भाषा अजय अजय

अजय


लेखक के बारे में