नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) होटल एवं रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमत बढ़ने से पहले से ही दबाव में चल रहे होटल उद्योग को ‘गंभीर झटका’ लगा है और आगे स्थिति और बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई है।
उद्योग संगठनों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की है।
वाणिज्यिक एलपीजी की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी के साथ अब इसका दाम 3,071.50 रुपये प्रति सिलेंडर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले अप्रैल में 195.50 रुपये और मार्च में भी 144 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी।
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) के उपाध्यक्ष प्रदीप शेट्टी ने कहा, ‘एलपीजी कीमतों में हाल की वृद्धि के कारण परोसे जाने वाले व्यंजनों की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी लगभग तय लग रही है। लेकिन यह बढ़ोतरी भी शायद लागत की पूरी भरपाई नहीं कर पाएगी।’
उन्होंने कहा कि 19 किलो वजन वाले वाणिज्यिक सिलेंडर के दाम में तीन बार में हुई कुल 1,332.50 रुपये की बढ़ोतरी से उद्योग की परिचालन लागत अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। ऐसा तब है जब व्यवसाय पहले से ही आपूर्ति व्यवधान, सीमित परिचालन क्षमता और कमजोर नकदी प्रवाह जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
शेट्टी के मुताबिक, कई प्रतिष्ठान पहले ही सीमित समय, सीमित मेन्यू और वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था के साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में ताजा मूल्य वृद्धि से उनके मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा और संचालन अस्थिर हो सकता है।
उन्होंने आगाह किया कि कई प्रतिष्ठान पहले ही अस्थायी रूप से बंद हो चुके हैं और कीमतों में यह नई बढ़ोतरी प्रतिष्ठानों की बंदी और रोजगार में कटौती को और तेज कर सकती है।
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