आईबीसी वसूली दर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग आधी होकर 23 प्रतिशत पर: रिपोर्ट

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आईबीसी वसूली दर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग आधी होकर 23 प्रतिशत पर: रिपोर्ट

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  • Publish Date - May 28, 2026 / 09:04 PM IST,
    Updated On - May 28, 2026 / 09:04 PM IST

मुंबई, 28 मई (भाषा) दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत स्वीकार किए गए दावों के मुकाबले ऋणदाताओं की वसूली दर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग आधी घटकर 23 प्रतिशत रह गई। इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह दर 46 प्रतिशत थी। रेटिंग एजेंसी इक्रा की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में यह बात कही गई।

रिपोर्ट में वसूली में इस गिरावट की मुख्य वजह मामलों के निपटारे में होने वाली बढ़ती देरी को बताया गया है।

इक्रा की रिपोर्ट के अनुसार, कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) के तहत स्वीकार किए गए मामलों की संख्या भी इस दौरान पांच प्रतिशत घटकर 724 से 679 रह गई।

रिपोर्ट कहती है कि वसूली दर में यह गिरावट मुख्य रूप से 2025-26 की दूसरी छमाही में देखी गई, जहां यह 63 प्रतिशत से घटकर 22 प्रतिशत रह गई, जो चिंता का विषय है।

वर्ष 2016 में आईबीसी की शुरुआत के बाद से मार्च, 2026 तक कुल 8,987 कॉरपोरेट देनदारों के मामले स्वीकार किए गए हैं। इनमें से 64 प्रतिशत मामलों का समाधान या तो सफल समाधान योजना, मामला वापस लेने या परिसमापन के माध्यम से किया जा चुका है।

भाषा योगेश अजय

अजय