आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले पर नजर बनाए हुए हैं, इसमें कोई प्रणालीगत समस्या नहीं: गवर्नर मल्होत्रा

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले पर नजर बनाए हुए हैं, इसमें कोई प्रणालीगत समस्या नहीं: गवर्नर मल्होत्रा

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले पर नजर बनाए हुए हैं, इसमें कोई प्रणालीगत समस्या नहीं: गवर्नर मल्होत्रा
Modified Date: February 23, 2026 / 12:44 pm IST
Published Date: February 23, 2026 12:44 pm IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने सोमवार को कहा कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले से जुड़े घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और इसमें कोई प्रणालीगत समस्या नहीं है।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने रविवार को खुलासा किया था कि उसके कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा हरियाणा सरकार के खातों में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।

मल्होत्रा ने केंद्रीय बजट के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल को दिए गए पारंपरिक संबोधन के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से कहा, ‘‘ हम घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं, इसमें कोई प्रणालीगत समस्या नहीं है।’’

इससे पहले, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वी. वैद्यनाथन ने सोमवार को कहा कि बैंक के कर्मचारियों और बाहरी पक्षों की मिलीभगत के जरिये हरियाणा सरकार के खातों से जुड़ी 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। यह मुद्दा एक इकाई और एक ग्राहक समूह तक सीमित था। यह किसी प्रणालीगत ‘रिपोर्टिंग’ त्रुटि का मामला नहीं है।

भाषा निहारिका

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