दुनिया को जोड़ने वाली अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत : आनंद महिंद्रा

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दुनिया को जोड़ने वाली अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत : आनंद महिंद्रा

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 07:31 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 07:31 PM IST

नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषाा) महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा है कि अगली वैश्विक व्यवस्था को ऐसे देश आकार दे सकते हैं जो विभाजित दुनिया में सभी को जोड़ने के लिए वैश्विक केंद्र (कनेक्टर) की भूमिका निभा सकें। ऐसे में भारत के पास देशों को जोड़ने वाली अर्थव्यवस्था बनने का अवसर है, जो वैश्विक विभाजन के बीच काम करते हुए विभिन्न देशों और बाजारों के बीच सेतु का काम करे।

आनंद महिंद्रा ने महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड की नवीनतम सालाना रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि जिन वैश्विक परिस्थितियों को पहले अस्थायी बाधाएं माना जा रहा था, अब वे आपूर्ति श्रृंखला, वैश्विक संकट और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लंबे समय तक जारी रहने वाली समस्याओं के रूप में सामने आ रही हैं।

महिंद्रा ने पिछले वर्ष मौजूदा स्थिति को ‘समुद्र मंथन’ यानी एक तरह की उथल पुथल का नाम दिया था। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट समेत हालिया घटनाएं यह दर्शाती हैं कि यह मंथन फिलहाल समाप्त नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा, “हमने उथल-पुथल के पहले दौर को पार किया है। अब हमें ‘मंथन 2.0’ के लिए तैयार रहना होगा। अनिश्चितता अब अपवाद नहीं बल्कि नियम बन गई है। अप्रत्याशित घटनाएं अब पुरानी अवधारणा हो चुकी हैं, क्योंकि अब पूरा परिदृश्य ही ऐसे अप्रत्याशित घटनाक्रमों से भरा हुआ है।”

हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि अनिश्चितताओं के बीच भारत के लिए एक अहम वैश्विक अगुवा के रूप में उभरने का मौका हैं।

महिंद्रा ने कहा, ‘‘अगली वैश्विक व्यवस्था उन देशों द्वारा बनाई जा सकेगी जो बंटी दुनिया में अन्य देशों को जोड़ने वाला बन सकें। इससे भारत के लिए एक ‘कनेक्टर इकॉनमी’ बनने का मौका खुलता है, जो अलग-अलग समूहों के बीच काम कर सके।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत का लोकतंत्र और राजनीतिक स्थिरता, चीन के विरुद्ध एक राजनीतिक और आर्थिक बफर के रूप में इसकी वैश्विक स्थिति, विशाल घरेलू बाजार तथा विभिन्न विचारों वाले समूहों के बीच उत्पन्न होने वाला भरोसा ये सभी मिलकर एक सेतु की तरह जोड़ने वाली अर्थव्यवस्था की परिभाषा बनाते हैं।’’

भाषा यासिर अजय

अजय