नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) भारत और कनाडा ने द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए वार्ता का दूसरा दौर सोमवार को शुरू किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
इस समझौते को आधिकारिक रूप से व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) कहा जाता है। इस वार्ता में वस्तुओं, सेवाओं तथा अन्य पारस्परिक रूप से सहमत नीतिगत क्षेत्रों में व्यापार पर चर्चा की जाएगी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘ पांच दिवसीय वार्ता चार मई से यहां शुरू हुई।’’
वार्ता का पहला दौर मार्च में आयोजित किया गया था।
यह दौर महत्वपूर्ण है क्योंकि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस माह के अंत तक वार्ता को गति देने के लिए कनाडा की यात्रा करेंगे।
यह वार्ता प्रक्रिया फिर से शुरू होने का संकेत भी है क्योंकि कनाडा ने 2023 में वार्ता को रोक दिया था। हालांकि अब दोनों ने पिछले दो वर्ष में वैश्विक व्यापार परिदृश्य में आए बदलावों को देखते हुए बातचीत को नए सिरे से शुरू करने का निर्णय लिया है।
यह वार्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों पक्षों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। 2024-25 में यह 8.66 अरब अमेरिकी डॉलर (4.22 अरब डॉलर निर्यात और 4.44 अरब डॉलर आयात) रहा।
कनाडा क्रय शक्ति समता के आधार पर कनाडा 4.165 करोड़ लोगों (2025) के बाजार और 2340 अरब अमेरिकी डॉलर के सकल घरेलू उत्पाद (जीडपी) का प्रतिनिधित्व करता है।
भारत से कनाडा को प्रमुख निर्यात में दवाइयां, लोहा एवं इस्पात, समुद्री उत्पाद, सूती परिधान, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायन शामिल हैं। वहीं प्रमुख आयात में दालें, मोती एवं अर्ध-कीमती पत्थर, कोयला, उर्वरक, कागज तथा कच्चा पेट्रोलियम शामिल हैं।
भारत के सेवा क्षेत्र के प्रमुख निर्यात में दूरसंचार, कंप्यूटर एवं सूचना सेवाएं तथा अन्य व्यावसायिक सेवाएं शामिल हैं।
कनाडा में 4.25 लाख से अधिक भारतीय छात्र और मजबूत भारतीय समुदाय भी मौजूद है।
वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव बृज मोहन मिश्रा भारतीय पक्ष के मुख्य वार्ताकार हैं जबकि ब्रूस क्रिस्टी कनाडा के मुख्य वार्ताकार हैं।
भाषा निहारिका रमण
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