नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) भारत ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अगस्त अवधि में 36,193.9 करोड़ रुपये मूल्य के तैयार इस्पात का आयात किया और इस दौरान वह इस जिंस का शुद्ध आयातक बना रहा। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
कुल 34.87 लाख टन तैयार इस्पात के आयात में चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, इंडोनेशिया और वियतनाम शीर्ष पांच आपूर्तिकर्ता देश रहे। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि के 26.92 लाख टन की तुलना में 29.5 प्रतिशत अधिक है।
इस्पात मंत्रालय के अनुसार कच्चे इस्पात के दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश भारत में तैयार इस्पात का आयात मूल्य 36,193.9 करोड़ रुपये रहा, जो एक वर्ष पहले की समान अवधि के 26,172.6 करोड़ रुपये से 38.3 प्रतिशत अधिक है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, ”मात्रा के लिहाज से भारत अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान तैयार इस्पात का शुद्ध आयातक बना रहा।”
समीक्षाधीन अवधि के दौरान भारत ने तैयार इस्पात के निर्यात में भी प्रगति दर्ज की। अप्रैल-अगस्त में निर्यात सालाना आधार पर 34.1 प्रतिशत बढ़कर 29.8 लाख टन (मूल्य 23,646.6 करोड़ रुपये) पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 22.2 लाख टन (17,911.1 करोड़ रुपये) था।
निर्यात के मामले में वियतनाम शीर्ष गंतव्य रहा। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), इटली, बेल्जियम और नेपाल का स्थान रहा।
भाषा पाण्डेय रमण
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