नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) ने रविवार को कहा कि भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) देश के परिधान निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन देगा।
एईपीसी के चेयरमैन ए शक्तिवेल ने कहा कि यूरोपीय संघ दुनिया का सबसे बड़ा परिधान बाजार है और यह व्यापार समझौता भारत के परिधान क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। वर्तमान में भारत इस क्षेत्र में 4.5 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के परिधानों का निर्यात करता है।
शक्तिवेल ने कहा कि भारतीय परिधान निर्यातकों को लंबे समय से बांग्लादेश, वियतनाम और तुर्की जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में शुल्क संबंधी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) के मार्गदर्शन में भारत को यह उम्मीद है कि एफटीए के लागू होने की तिथि से ही परिधान उत्पादों के लिए शून्य-शुल्क बाजार पहुंच प्राप्त होगी।’
एईपीसी के अनुसार, यह प्रावधान रोजगार आधारित विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत करने और महिला-केंद्रित विनिर्माण को समर्थन देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही, इससे वैश्विक परिधान बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धी क्षमता भी बढ़ेगी।
भाषा सुमित रमण रमण