पीएफआरडीए ने निवेश रूपरेखा की समीक्षा, आधुनिकीकरण के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया

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पीएफआरडीए ने निवेश रूपरेखा की समीक्षा, आधुनिकीकरण के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया

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  • Publish Date - January 25, 2026 / 07:54 PM IST,
    Updated On - January 25, 2026 / 07:54 PM IST

नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) पेंशन कोष विनियामक एवं विकास प्राधिकरण ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत निवेश रूपरेखा की समीक्षा, सिफारिश और आधुनिकीकरण के लिए रणनीतिक परिसंपत्ति आवंटन और जोखिम प्रबंधन (एसएएआरजी) को लेकर निवेश विशेषज्ञों की नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है।

मॉर्गन स्टेनली इंडिया के पूर्व क्षेत्रीय प्रमुख और सीईओ नारायण रामचंद्रन की अध्यक्षता वाली इस समिति को मौजूदा एनपीएस निवेश दिशानिर्देशों की व्यापक समीक्षा करने और उनकी तुलना प्रमुख वैश्विक पेंशन प्रणालियों तथा विकसित हो रहे भारतीय निवेश परिवेश से करने का कार्य सौंपा गया है।

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने रविवार को एक बयान में कहा कि इसका उद्देश्य दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति धन सृजन को बढ़ावा देने, विविधीकरण को बढ़ाने, जोखिम प्रबंधन में सुधार करने और ग्राहकों के लिए विकल्पों का विस्तार करने के लिए एनपीएस की निवेश संरचना को मजबूत करना है।

समिति के कार्यक्षेत्र में रणनीतिक परिसंपत्ति आवंटन रूपरेखा की जांच, परिसंपत्ति वर्गों का परिचय और समीक्षा, प्रदर्शन का आकलन और जवाबदेही व्यवस्था, वैकल्पिक निवेशों के लिए मूल्यांकन मानक, कामकाज और मध्यस्थ संरचना तथा निवेश निर्णय लेने में स्थिरता संबंधी विचारों का एकीकरण शामिल है।

इसके अन्य सदस्यों में सेबी के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण, मोतीलाल ओसवाल के सह-संस्थापक रामदेव अग्रवाल, डीएसपी म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक और सीईओ के पारेख और फर्स्ट ग्लोबल की संस्थापक और सीएमडी देवना मेहरा और पीएफआरडीए के कार्यकारी निदेशक अशोक कुमार सोनी शामिल हैं।

समिति को अपनी सिफारिशों के साथ पीएफआरडीए को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए नौ महीने का समय दिया गया है।

भाषा रमण सुमित

रमण