विशाखापत्तनम, पांच जून (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक समुद्री खाद्य कारोबार में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ पांच प्रतिशत है, जबकि इस क्षेत्र में देश के पास बहुत ज्यादा मौके हैं।
विशाखापत्तनम में समुद्री खाद्य निर्यात पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश की ‘ब्लू इकॉनमी’ (समुद्री अर्थव्यवस्था) का विकास देश की तरक्की में अहम योगदान देगा।
ब्लू इकॉनमी का मकसद समुद्री पारिस्थिकी तंत्र की सुरक्षा करते हुए आर्थिक विकास के लिए समुद्र और तटीय संसाधनों का टिकाऊ इस्तेमाल करना है।
नायडू ने कहा, ‘‘वैश्विक समुद्री खाद्य कारोबार में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ पांच प्रतिशत है। इस क्षेत्र में देश के पास बहुत ज्यादा मौके हैं।’’
मुख्यमंत्री के मुताबिक, भारत के कुल मछली उत्पादन में आंध्र की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत और झींगा उत्पादन में 66 प्रतिशत है, जबकि देश की समुद्री खाद्य निर्यात से होने वाली कमाई में राज्य का योगदान 38 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि आंध्र से सालाना लगभग 28,000 करोड़ रुपये का समुद्री खाद्य निर्यात होता है।
नायडू ने कहा कि अगर आंध्र प्रदेश इस क्षेत्र में और तरक्की करता है, तो भारत का समुद्री खाद्य निर्यात भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य की 1,053 किलोमीटर लंबी तटरेखा, बंदरगाह और हवाई अड्डा एक बड़ा फायदा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में उत्पादों की सफलता के लिए गुणवत्ता, टिकाऊपन, उद्गम स्थल (उत्पाद की उत्पत्ति स्थल की जानकारी का पता लगाना), नवाचार और प्रदूषण मुक्त होना जरूरी हैं।
उन्होंने केंद्र से ‘एक्वाकल्चर’ उत्पादों को और विकसित करने के लिए कदम उठाने का भी आग्रह किया।
इस क्षेत्र को विकसित करने की केंद्र की पहल में सहयोग का भरोसा दिलाते हुए नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य में विशाल समुद्री खाद्य प्रसंस्करण पार्क बनाने का वादा किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘आंध्र झींगा मछली-भारतीय समुद्री खाद्य’’ ब्रांड को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां भारत को एक्वाकल्चर में वैश्विक अगुवा के तौर पर उभरना चाहिए, वहीं आंध्र प्रदेश को खुद को इस क्षेत्र के विकास केन्द्र के तौर पर स्थापित करना चाहिए।
नायडू ने घोषणा की कि अमरावती, भीमवरम, काकीनाडा, विशाखापत्तनम, कृष्णपटनम और नेल्लोर को जोड़ने वाला एक एक्वाकल्चर गलियारा विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह गलियारा एक्वाकल्चर क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए शोध, नवाचार, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी को एक साथ लाएगा।
आंध्र प्रदेश में एक्वाकल्चर (मछली पालन) के क्षेत्र में नए विचार लाने वालों को आमंत्रित करते हुए नायडू ने कहा कि राज्य ‘व्यवसाय करने की गति’ के मंत्र के साथ काम कर रहा है।
इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के लिए ‘सही समय पर सही नेता’ बताया और कहा कि उनकी अगुवाई में भारत 21वीं सदी में और तरक्की करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि मोदी देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए काम कर रहे हैं और लोगों से अपील की कि वे उन्हें अपना समर्थन देते रहें, क्योंकि उन्होंने अपने कार्यकाल के 12 साल पूरे कर लिए हैं।
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अजय