आरबीआई ‘मिथोस’ साइबर खतरे से निपटने को पूरी तरह तैयार, संस्थाओं को जारी किए दिशा-निर्देश

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आरबीआई ‘मिथोस’ साइबर खतरे से निपटने को पूरी तरह तैयार, संस्थाओं को जारी किए दिशा-निर्देश

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  • Publish Date - June 5, 2026 / 07:22 PM IST,
    Updated On - June 5, 2026 / 07:22 PM IST

मुंबई, पांच जून (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ‘मिथोस’ मंच से जुड़े साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसने विनियमित संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्रीय बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे ने मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। हम इस प्रकार के साइबर सुरक्षा खतरों के साथ-साथ पारंपरिक खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

स्वामीनाथन ने कहा कि अग्रणी कृत्रिम मेधा (एआई) कंपनी एंथ्रोपिक द्वारा विकसित इस मंच के संबंध में भारत को इसकी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने कहा, “यह प्रणाली सरकार स्तर पर और वित्तीय क्षेत्र के अंतर-नियामकीय मंचों पर हमारे ध्यान में है।”

उन्होंने कहा कि सरकार और अन्य नियामकों के साथ विचार-विमर्श के बाद आरबीआई इस पर आगे कदम उठाएगा, जैसे ही इसमें भागीदारी की रूपरेखा स्पष्ट हो जाएगी।

उन्होंने बताया, “जब हमें पूरी जानकारी मिल जाएगी और यह स्पष्ट हो जाएगा कि हम इसे कैसे संभालेंगे, तब हम बाजार को सूचित करेंगे।”

‘मिथोस’ एक कृत्रिम मेधा आधारित साइबर सुरक्षा प्रणाली है, जिसे एंथ्रोपिक ने सॉफ्टवेयर कमजोरियों और उभरते साइबर खतरों की पहचान के लिए विकसित किया है, ताकि उनका दुरुपयोग होने से पहले ही उन्हें रोका जा सके।

हालांकि, एंथ्रोपिक ने इस परियोजना की घोषणा अप्रैल में की थी, लेकिन संभावित दुरुपयोग की आशंका के चलते इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए जारी नहीं करने की बात कही गई है।

भाषा योगेश अजय

अजय