नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) भारत के पास दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्तर के चिप डिजाइन करने वाली इंजीनियरिंग प्रतिभा मौजूद है, लेकिन देश में इन उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बेचने के लिए जरूरी विपणन और परिचालन कौशल की कमी है। उद्यम पूंजी फर्म एंदिया पार्टनर्स के प्रबंध साझेदार सतीश आंद्रा ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि भारत में स्थित इंजीनियरों ने क्वालकॉम, इनफिनिओन, एनएक्सपी, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स और रेनेसास जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए ऐसे चिप डिजाइन किए हैं, जिनकी वैश्विक स्तर पर अरबों इकाइयों की आपूर्ति हुई है।
उन्होंने बताया कि देश में हालांकि उत्पाद की विशिष्टताएं लिखने, उसे सही ढंग से स्थापित करने, उसका विपणन करने और विदेशी ग्राहकों तक पहुंचने के लिए वितरकों के साथ काम करने जैसे कौशलों की अभी कमी है।
‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ के इतर पीटीआई-भाषा को दिए साक्षात्कार में आंद्रा ने कहा, ”भारतीय सेमीकंडक्टर स्टार्टअप और कंपनियां मोटे तौर पर किसी भी वैश्विक सेमीकंडक्टर स्टार्टअप के बराबर हैं… मेरा मानना है कि हमारी इंजीनियरिंग प्रतिभा पूरी तरह से विश्वस्तरीय है।”
उन्होंने कहा कि असली कमी तब सामने आती है जब उत्पाद को बाजार में बेचना होता है।
आंद्रा ने कहा, ”एक उत्पाद कंपनी के नजरिये से देखें तो ग्राहकों की बारीक समझ, अपने प्रतिस्पर्धा की पूरी जानकारी, उत्पाद की विशिष्टताओं को तैयार करने, उसका विपणन करने, उसे बेचने और वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए वितरकों के साथ समन्वय करने की क्षमता – मुझे लगता है कि यह ऐसा कौशल है जो फिलहाल हमारे पास नहीं है।”
एनवीडिया और ब्रॉडकॉम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़ी फैबलेस चिप डिजाइन कंपनियां खड़ी करने का बड़ा अवसर है।
भाषा पाण्डेय योगेश
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