नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने मुजफ्फरनगर जिले की एक फैक्टरी में 12 बंधुआ मजदूरों पर कथित अत्याचार के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया है।
मानवाधिकार आयोग ने अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
एनएचआरसी ने एक बयान में कहा कि उसने मुजफ्फरनगर जिले के मंडी गांव में पेपर प्लेट बनाने वाली एक फैक्टरी में ‘‘12 बंधुआ मजदूरों के साथ मारपीट करने और उन्हें लगभग डेढ़ साल तक बिना पर्याप्त खाने और मजदूरी के आधी रात तक काम करने के लिए मजबूर किए जाने’’ की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है।
इसमें कहा गया है कि एक मजदूर फैक्टरी से भागने में कामयाब रहा और उसने तितावी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद दूसरे बंधुआ मजदूरों को बचाया जा सका।
एनएचआरसी ने कहा, ‘‘मजदूरों की मेडिकल जांच में कई चोटें पाई गईं, जिनमें खरोंच, कटने के निशान, हड्डियां टूटने और लंबे समय तक शारीरिक उत्पीड़न के संकेत शामिल थे। खबरों के अनुसार, पुलिस को पता चला है कि एक व्यक्ति की मौत भी हो गई है। क्या और भी मौतें हुई हैं, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है।’’
आयोग ने कहा कि अगर खबर में दी गई जानकारी सच है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। इसलिए, आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
भाषा शफीक सुरेश
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