मुंबई, 19 अगस्त (भाषा) भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में निवेशकों की पसंद के मामले में इंडोनेशिया, फिलिपीन और चीन से भी पीछे है तथा सबसे कम पसंदीदा बाजार बन गया है। अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी के सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई।
बोफा ग्लोबल रिसर्च के कोष प्रबंधकों द्वारा किए गए सर्वेक्षण में कहा गया है कि अगस्त के पहले पखवाड़े में भारत को लेकर कम निवेश रुख रखने वाले कोष प्रबंधकों की संख्या बढ़कर 32 प्रतिशत हो गई। इसके मुकाबले इंडोनेशिया के लिए यह आंकड़ा 27 प्रतिशत, फिलिपीन के लिए 23 प्रतिशत और चीन के लिए 18 प्रतिशत रहा।
इस सर्वेक्षण में कुल 98 कोष प्रबंधकों ने हिस्सा लिया। ये कोष प्रबंधक सामूहिक रूप से 272 अरब अमेरिकी डॉलर की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करते हैं।
सर्वेक्षण में कहा गया, ‘‘भारतीय शेयर बाजारों में कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े निवेश अवसरों का स्पष्ट अभाव सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। इसके बाद कमजोर आर्थिक वृद्धि को प्रमुख जोखिम माना गया है।’’
सर्वेक्षण में कहा गया है कि एआई से जुड़े अवसरों की कमी को लेकर चिंतित कोष प्रबंधकों का अनुपात अगस्त में बढ़कर 32 प्रतिशत हो गया, जो एक महीने पहले 28 प्रतिशत था।
सुधारों को लेकर भी आशंकाएं बढ़ी हैं। अगस्त में 18 प्रतिशत कोष प्रबंधकों ने सुधारों की कमी को चिंता का विषय बताया, जबकि जुलाई के सर्वेक्षण में यह आंकड़ा 16 प्रतिशत था।
हालांकि, कमजोर आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंता जताने वाले कोष प्रबंधकों का अनुपात अगस्त में घटकर 18 प्रतिशत रह गया, जो जुलाई में 20 प्रतिशत था।
बोफा के सर्वेक्षण के मुताबिक, अगस्त में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ताइवान निवेशकों का सबसे पसंदीदा बाजार रहा, जहां 55 प्रतिशत प्रतिभागियों ने ताइवान के प्रति अधिक निवेश रुख जताया। जापान 50 प्रतिशत के साथ दूसरे और दक्षिण कोरिया 23 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
भाषा यासिर अजय
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