Modi Cabinet Decision on Domestic Gas: सस्ती रसोई गैस…मोदी कैबिनेट में अहम फैसला, 1 सितंबर से रसोई तक पहुंचेगी खुशखबरी, रक्षाबंधन से पहले बड़ी सौगात

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Modi Cabinet Decision on Domestic Gas: सस्ती रसोई गैस....मोदी कैबिनेट में अहम फैसला, 1 सितंबर से रसोई तक पहुंचेगी खुशखबरी, रक्षाबंधन से पहले बड़ी सौगात

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 06:15 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 06:21 PM IST

Modi Cabinet Decision on Domestic Gas: सस्ती रसोई गैस...मोदी कैबिनेट में अहम फैसला, 1 सितंबर से रसोई तक पहुंचेगी खुशखबरी, रक्षाबंधन से पहले बड़ी सौगात / Image: PIB

HIGHLIGHTS
  • सस्ती रसोई गैस को लेकर बड़ा फैसला
  • रेल परियोजनाओं पर ₹9,450 करोड़
  • रेलवे नेटवर्क में करीब 410 किलोमीटर की बढ़ोतरी

नई दिल्ली: Modi Cabinet Decision on Domestic Gas प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है। इन फैसलों में एक रसोई गैस को लेकर लिया गया। सरकार ने पाइप से रसोई गैस कनेक्शन घर-घर पहुंचाने के लिए एक स्कीम को मंज़ूरी दी है। इसका उद्देश्य साफ़, सुरक्षित और सस्ती रसोई गैस उपलब्ध कराना है। यह स्कीम 1 सितंबर से छह-छह महीने के लिए दो चरणों में लागू की जाएगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि इस स्कीम का मकसद ज़्यादा से ज़्यादा परिवारों तक पाइप वाली रसोई गैस पहुचाना है। फिलहाल, देश में 1 करोड़ 74 लाख घरेलू PNG कनेक्शन हैं।

इन चार परियोजनाओं को मंजूरी

Modi Cabinet Decision on Domestic Gas वहीं, बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आज रेल मंत्रालय की लगभग 9,450 करोड़ रुपए की कुल लागत वाली चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में शामिल हैं:

  • ए. खड़गपुर – भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन – 173 किमी (पश्चिम बंगाल और ओडिशा)
  • बी. भद्रक – हरिदासपुर चौथी लाइन – 75 किमी (ओडिशा)
  • सी. गुम्मिडिपुंडी – गुडुर तीसरी और चौथी लाइन – 90 किमी (आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु)
  • डी. कटक – पारादीप (बडाबन्धा) तीसरी और चौथी लाइन – 72 किमी (ओडिशा)

बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। इन बहु-ट्रैकिंग प्रस्तावों से परिचालन के सुव्यवस्थित होने और भीड़भाड़ में कमी आने की उम्‍मीद है। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे उनके लिए रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

 

6,448 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार

ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत बनाई गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से मल्‍टी मॉडल कनेक्‍टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इन परियोजनाओं से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश राज्यों के 8 जिलों को कवर करने वाली ये 4 परियोजनाएं भारतीय रेल के वर्तमान नेटवर्क को लगभग 410 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 6,448 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 60 लाख है।

प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिसमें कुलडीहा वन्यजीव अभयारण्य, भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान, मां भद्रकाली मंदिर, मां धमराई मंदिर, पंचलिंगेश्वर मंदिर, तलसारी-उदयपुर और चांदीपुर समुद्र तट, पुलिकट झील, नेलपट्टू पक्षी अभयारण्य, भगवान वीरराघव पेरुमल मंदिर, गदा कुजंगा जगन्नाथ मंदिर, सरला मंदिर, धबलेश्वर मंदिर, ललितगिरि (बौद्ध स्थल) आदि शामिल हैं।

प्रति वर्ष 76 मिलियन टन माल ढुलाई

प्रस्तावित परियोजनाएं कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, लोहा और इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल, अनाज आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों से प्रति वर्ष 76 मिलियन टन माल ढुलाई की अतिरिक्त क्षमता प्राप्त होगी। भारतीय रेल के पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण यह जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की लॉजिस्टिक्‍स लागत को कम करने में सहायक होगी। साथ ही, यह तेल आयात (लगभग 13 करोड़ लीटर) को कम करेगी और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन (लगभग 65 करोड़ किलोग्राम) को घटाएगी, जो 2.60 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

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सरकार ने रसोई गैस को लेकर क्या बड़ा फैसला लिया है?

केंद्र सरकार ने घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन पहुंचाने के लिए एक नई योजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य लोगों को साफ, सुरक्षित और सस्ती रसोई गैस उपलब्ध कराना है।

PNG योजना कब से लागू होगी?

सरकार के अनुसार यह योजना 1 सितंबर से लागू होगी और इसे छह-छह महीने के दो चरणों में संचालित किया जाएगा।

सरकार ने कितनी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है?

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने रेल मंत्रालय की चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनकी कुल अनुमानित लागत करीब ₹9,450 करोड़ है।

इन रेल परियोजनाओं से कितने गांवों को फायदा होगा?

चारों परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के 8 जिलों में करीब 6,448 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इन गांवों में लगभग 60 लाख लोग रहते हैं।

रेल परियोजनाओं से माल ढुलाई क्षमता कितनी बढ़ेगी?

इन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से भारतीय रेलवे को हर साल करीब 76 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता मिलने की उम्मीद है।