नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से घरेलू किसानों, एमएसएमई, उद्यमियों और कुशल श्रमिकों के लिए बड़े अवसर खुलेंगे और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा मिलेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसके तहत वाशिंगटन भारतीय सामानों पर जवाबी शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा।
गोयल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि यह समझौता भारत को अमेरिका से प्रौद्योगिकी प्राप्त करने में भी मदद करेगा। उन्होंने कहा, ”यह समझौता किसानों, एमएसएमई, उद्यमियों और कुशल श्रमिकों के लिए है। यह दुनिया के लिए ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘इनोवेट इन इंडिया’ के अभूतपूर्व अवसर खोलता है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह विकास साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम करने के लिए दो समान विचारधारा वाले, निष्पक्ष व्यापार करने वाले लोकतंत्रों की शक्ति को दर्शाता है। गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों स्वाभाविक सहयोगी हैं और हमारी साझेदारी प्रौद्योगिकियों का सह-निर्माण करेगी, समाधान विकसित करेगी और शांति, विकास तथा दोनों देशों के उज्जवल भविष्य के लिए मिलकर काम करेगी।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी इसे ऐतिहासिक व्यापार समझौता बताते हुए कहा कि यह दो स्वाभाविक लोकतांत्रिक भागीदारों के लिए साझा समृद्धि, नवाचार और विकास के रास्ते खोलेगा।
उन्होंने इसके लिए भारत और अमेरिका के लोगों को बधाई दी। यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कपड़ा, परिधान, चमड़ा और समुद्री उत्पाद जैसे कई श्रम-प्रधान क्षेत्र अमेरिका को सामान निर्यात करने में चुनौतियों का सामना कर रहे थे, क्योंकि उन्हें वहां 50 प्रतिशत शुल्क का सामना करना पड़ रहा था।
भाषा पाण्डेय
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