मुंबई, तीन जून (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे. ने कहा है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की आर्थिक गतिविधियों ने मजबूती दिखाई है, जिसे औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र की वृद्धि, व्यापक मांग और बेहतर होते कॉरपोरेट प्रदर्शन से बल मिला है।
कोलंबिया विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स’ (एसआईपीए) में सोमवार को दिए भाषण में डिप्टी गवर्नर ने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति आरबीआई के संतोषजनक दायरे में है और बाहरी चुनौतियां प्रबंधन योग्य बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब वैश्विक नीतिगत चर्चा भू-राजनीति, जलवायु परिवर्तन, कृत्रिम मेधा (एआई), प्रौद्योगिकी बदलाव और आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन जैसे बड़े विषयों से भरी हुई है।’’
उन्होंने कहा कि ऐसे परिदृश्य में बैंकिंग प्रणाली की मजबूती अपेक्षाकृत शांत विषय लग सकती है, लेकिन इसकी अनुपस्थिति में इसका महत्व तुरंत समझ आता है।
उन्होंने कहा कि कमजोर बैंकिंग प्रणाली वित्तीय झटकों को कंपनियों, परिवारों, सार्वजनिक वित्त और समग्र अर्थव्यवस्था तक तेजी से पहुंचा सकती है।
डिप्टी गवर्नर ने कहा कि आज भारत मजबूत वृहद आर्थिक आधार पर खड़ा है।
उन्होंने कहा, ‘‘भू-राजनीतिक अनिश्चितता, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और अस्थिर जिंस परिस्थितियों के बावजूद घरेलू आर्थिक गतिविधियों ने मजबूती दिखाई है, जिसे औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की मजबूती, व्यापक मांग और कॉरपोरेट प्रदर्शन में सुधार से समर्थन मिला है।’’
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ‘रेजिलिएंस बाय डिजाइन: लेसन्स फ्रॉम इंडियाज बैंकिंग सेक्टर’ विषय पर दिए गए उनके इस भाषण को बुधवार को अपनी वेबसाइट पर डाला है।
भाषा योगेश अजय
अजय