मुंबई, 24 अप्रैल (भाषा) देश का विदेशी मुद्रा भंडार 17 अप्रैल को समाप्त सप्ताह के दौरान 2.36 अरब डॉलर बढ़कर 703.30 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 3.82 अरब डॉलर बढ़कर 700.94 अरब डॉलर रहा था।
पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने से पहले इस साल 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान देश का विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद के हफ्तों में भंडार में गिरावट देखी गई जिसका मुख्य कारण 28 फरवरी 2026 के आसपास शुरू हुआ पश्चिम एशिया संघर्ष था।
बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने भारतीय रुपये पर दबाव डाला जिससे आरबीआई को डॉलर की बिक्री के माध्यम से विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा।
केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार 17 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में भंडार का प्रमुख हिस्सा विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 1.48 अरब डॉलर बढ़कर 557.46 अरब डॉलर हो गईं।
डॉलर के संदर्भ में व्यक्त की जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में होने वाली वृद्धि या कमी का प्रभाव शामिल होता है।
आरबीआई ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 79 करोड़ डॉलर बढ़कर 122.133 अरब डॉलर हो गया।
केंद्रीय बैंक ने बताया कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 7.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.841 अरब डॉलर हो गए।
आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन सप्ताह के अंत में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत की आरक्षित स्थिति 1.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.87 अरब डॉलर हो गई।
भाषा पाण्डेय निहारिका
निहारिका