नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच इंडिगो और एयर इंडिया ने ईरानी हवाई क्षेत्र का उपयोग बंद कर दिया है और अब अपनी लंबी दूरी वाली उड़ानों का संचालन वैकल्पिक मार्गों से कर रही हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
हालांकि, वैकल्पिक मार्ग अपनाने के कारण यूरोप, ब्रिटेन और अमेरिका के लिए उड़ानों का समय बढ़ गया है, जिससे ईंधन की खपत भी अधिक हो रही है।
इंडिगो ने कहा कि वह पट्टे पर लिए गए ड्रीमलाइनर विमानों से संचालित की जा रही अपनी लंबी दूरी वाली उड़ानों का समायोजन करेगी। इसके तहत 17 फरवरी से कोपनहेगन के लिए सेवाएं निलंबित की जाएंगी, जबकि दिल्ली–लंदन हीथ्रो और दिल्ली–मैनचेस्टर मार्गों पर उड़ानों की संख्या भी घटाई जाएगी।
एयरलाइन ने बयान में कहा कि उसके चौड़े आकार वाले विमानों के परिचालन को भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण लगातार बदलते हवाई-क्षेत्र प्रतिबंधों और भारत एवं दूसरे देशों के हवाई अड्डों पर बढ़ती भीड़ जैसी बाहरी परिचालन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
एयर इंडिया के एक सूत्र ने कहा कि ईरान में बदल रही स्थिति को देखते हुए एयरलाइन अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के लिए जाने वाली उड़ानों के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर रही है।
एयर इंडिया अमेरिका के कई शहरों के अलावा कनाडा के टोरंटो एवं वैंकूवर शहरों के लिए भी उड़ानें संचालित करती है।
सूत्र ने बताया कि एयर इंडिया अपने उड़ान परिचालन के लिए सुरक्षा और संरक्षा परिदृश्य की निरंतर निगरानी और आकलन कर रही है। यह प्रक्रिया जोखिम-आकलन व्यवस्था के तहत की जा रही है जिसे वैश्विक विमानन सुरक्षा एजेंसियों और विशेषज्ञ सुरक्षा सलाहकार भागीदारों से मिली सूचनाओं पर आधारित है।
सूत्र के मुताबिक, एयरलाइन इन आकलनों के आधार पर आवश्यकता के अनुरूप अपने परिचालन की पूर्व-योजना बनाती रहती है।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय