नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने बीते वित्त वर्ष और मार्च तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों की प्रकाशन तिथि को मई के आखिरी कार्यदिवस से संशोधित कर सात जून कर दिया है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के बयान के अनुसार यदि सात जून को अवकाश रहता है, तो आंकड़े उससे पहले वाले कार्य दिवस पर जारी किए जाएंगे।
परिणामस्वरूप, वित्त वर्ष 2025-26 और मार्च तिमाही के जीडीपी आंकड़े अब पांच जून को जारी किए जाएंगे, क्योंकि सात जून को रविवार का अवकाश है।
आंकड़ों की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी सलाहकार समिति (एसीएनएएस) से परामर्श के बाद यह संशोधन किया गया है।
बयान के अनुसार, ‘‘राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद के अस्थायी अनुमानों और चौथी तिमाही के जीडीपी के तिमाही अनुमानों की प्रकाशन तिथि को मई के अंतिम कार्य दिवस से संशोधित करके सात जून कर दिया। सात जून को अवकाश होने की स्थिति में उससे पहले वाले कार्य दिवस को आंकड़े जारी किये जाएंगे।’’
कुछ महत्वपूर्ण आंकड़ें दो महीने तक की देरी से उपलब्ध होते हैं, इसलिए प्रकाशन तिथि में संशोधन की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।
विशेष रूप से, सूचीबद्ध कंपनियों के लिए चौथी तिमाही और वार्षिक वित्तीय परिणाम दाखिल करने की वैधानिक समयसीमा वित्त वर्ष की समाप्ति से 60 दिन है। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में कंपनियां 31 मई की समयसीमा के करीब अपने वित्तीय विवरण देती हैं।
इसके अलावा, केंद्रीय सरकारी खातों के संबंध में, मार्च महीने के राजस्व व्यय, पूंजीगत व्यय, कर, सब्सिडी और ब्याज भुगतान से संबंधित प्रमुख आंकड़ों को अंतिम रूप दिया जाता है और यह दो महीने की देरी से ही उपलब्ध होता है।
यह संशोधन राष्ट्रीय लेखा संकलन में उपयोग किए जाने वाले आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार के लिए मंत्रालय के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। साथ ही यह दुनिया के अन्य देशों में प्रचलित गतिविधियों के अनुरूप भी है।
भाषा रमण अजय
अजय