नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) साइट्रस चेक इन्स प्राइवेट लि. और रॉयल ट्विंकल स्टार क्लब प्राइवेट लि. के निवेशक एक अगस्त से 5,000 रुपये तक रिफंड के लिए दावा कर सकेंगे। उच्चतम न्यायालय ने हाल में इस बारे में आदेश दिया था।
न्यायालय द्वारा रिफंड प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए गठित ए पी कुरहेकर समिति ने कहा है कि सभी निवेशक, चाहे उनकी निवेश राशि कितनी भी हो, 5,000 रुपये तक के ‘रिफंड’ के लिए पात्र होंगे। इसमें पहले से प्राप्त कमीशन या रिफंड राशि को समायोजित किया जाएगा।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पोर्टल पर जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार, यह सुविधा उन निवेशकों को भी मिलेगी जो ‘रिफंड’ प्रक्रिया के पहले चरण में शामिल नहीं हो पाए थे।
समिति ने बताया कि दूसरे चरण के रिफंड पोर्टल को एक अगस्त से 14 सितंबर, 2026 तक खोला जाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और निवेशकों से अपने दस्तावेज तैयार रखने तथा पोर्टल पर दावे दर्ज करने को कहा गया है।
यह समिति इस मामले में शीर्ष अदालत के आठ अगस्त 2024, 20 नवंबर, 2024 और 25 मार्च, 2025 के आदेशों के तहत गठित की गई थी।
इससे पहले, केवल वे निवेशक जिन्होंने 7,500 रुपये तक का निवेश किया था, वे 5,000 रुपये तक के रिफंड के पात्र थे। लेकिन न्यायालय के 25 मई, 2026 के आदेश के बाद निवेश राशि की सीमा हटा दी गई है और अब सभी निवेशक ‘रिफंड’ के लिए पात्र होंगे।
उल्लेखनीय है कि सेबी ने दिसंबर, 2018 में अपने आदेश का पालन नहीं करने पर साइट्रस चेक इन्स और उसके निदेशकों पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। सेबी ने इससे पहले कंपनी को लोगों से पैसा जुटाने से रोक लगा दी थी।
सेबी को निवेशकों की कई शिकायतें मिली थीं, जिनमें आरोप लगाया गया था कि रॉयल ट्विंकल के निदेशक साइट्रस के माध्यम से अपनी सामूहिक निवेश योजना चला रहे थे।
इससे पहले अगस्त, 2015 में सेबी ने रॉयल ट्विंकल और उसके चार निदेशकों पर चार साल का प्रतिबंध लगाया था। आरोप था कि कंपनी ने कथित रूप से फर्जी ‘टाइमशेयर’ हॉलिडे योजनाओं के नाम पर 2,656 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए थे। सेबी ने कंपनी और उसके अधिकारियों को तीन महीने के भीतर निवेशकों को वादा किए गए रिटर्न के साथ राशि लौटाने का निर्देश दिया था।
भाषा रमण अजय
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