नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण तभी लागू होगा, जब अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि भारत को अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में लाभ मिले।
गोयल ने कहा कि जब तक भारत को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर या कम से कम समान शुल्क का लाभ मिलता रहेगा, तब तक भारत, अमेरिका को अपना निर्यात बढ़ाता रहेगा और वहां उपलब्ध विशाल बाजार के अवसरों का लाभ उठाता रहेगा।
उन्होंने कहा कि भारत ने धारा 301 के तहत बंधुआ मजदूरी से जुड़े मामलों की अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) की जांच प्रक्रिया में भाग लिया था। इस जांच के तहत अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाया है।
गोयल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘तीन फरवरी को दोनों देशों के नेताओं द्वारा घोषित व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा चुका है। मैं कई बार स्पष्ट रूप से यह भरोसा जता चुका हूं कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण को तभी लागू किया जाएगा जब अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि भारत को अपने प्रतिस्पर्धी देशों, पड़ोसी देशों, आसियान क्षेत्र के देशों तथा अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिले।’’
उन्होंने कहा कि यही इस समझौते के पहले चरण का मूल आधार है और जैसे ही यह आधार फिर से स्थापित होगा, भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता लागू करने के लिए तैयार होगा।
गोयल ने कहा, ‘‘जब तक भारत को प्रतिस्पर्धी बढ़त या कम से कम प्रतिस्पर्धी देशों के बराबर शुल्क दरें मिलती रहेंगी, तब तक भारत, अमेरिका को अपना निर्यात बढ़ाता रहेगा और वहां उपलब्ध विशाल बाजार के अवसरों का लाभ उठाता रहेगा।’’
भाषा रमण अजय
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