नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारतीय रेल वित्त निगम (आईआरएफसी) ने चालू वित्त वर्ष में कारोबार विस्तार के लिए बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के जरिये दो अरब डॉलर जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी मुख्य रूप से जापानी येन में यह धन जुटाएगी।
यह ईसीबी आईआरएफसी के निदेशक मंडल द्वारा चालू वित्त वर्ष के लिए मंजूर किए गए 70,000 करोड़ रुपये के संसाधन जुटाने के कार्यक्रम का हिस्सा है।
आईआरएफसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दुबे ने पीटीआई-भाषा से कहा कि कंपनी ने बैंकों के एक समूह के साथ 1.1 अरब डॉलर के बराबर जापानी येन में ईसीबी ऋण जुटाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की मजबूत पाइपलाइन को देखते हुए जून तिमाही के भीतर ही धनराशि का वितरण शुरू होने की उम्मीद है।
यह ऋण पांच वर्ष की अवधि के लिए लिया गया है और इसे तोक्यो ओवरनाइट एवरेज रेट (टीओएनएआर) से जोड़ा गया है। इस ऋण से प्राप्त राशि का उपयोग रेलवे क्षेत्र से जुड़ी या ईसीबी दिशानिर्देशों के तहत अनुपालन वाली अन्य परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया जाएगा।
आईआरएफसी ने वित्त वर्ष 2025-26 में भी दो अलग-अलग ईसीबी सौदों के जरिये 70 करोड़ डॉलर के बराबर जापानी येन में ऋण जुटाया था।
यह चालू वित्त वर्ष के लिए आईआरएफसी का पहला ईसीबी होगा।
रेल मंत्रालय के तहत आने वाली इस सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को पिछले वर्ष ‘नवरत्न’ का दर्जा मिला था। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ रुपये की ऋण स्वीकृति का लक्ष्य रखा है।
दुबे ने कहा कि कंपनी इस वर्ष लगभग 40,000 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य लेकर चल रही है, क्योंकि उच्च गुणवत्ता वाली अवसंरचना परियोजनाओं की पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है।
वित्त वर्ष 2025-26 में आईआरएफसी ने 72,949 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी और लगभग 35,067 करोड़ रुपये का वितरण किया, जो उसके वार्षिक अनुमान से अधिक रहा।
कंपनी की कुल संपत्ति प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (एयूएम) बढ़कर रिकॉर्ड 4.85 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई हैं, जबकि इसका नेटवर्थ 56,748 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर है।
भाषा अजय अजय
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