जम्मू, पांच फरवरी (भाषा) केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के वास्तविक सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के वित्त वर्ष 2025-26 में 5.82 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 की राज्य की आर्थिक समीक्षा में यह जानकारी दी गई।
समीक्षा में कहा गया कि जम्मू-कश्मीर की वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2024-25 के बीच संचयी रूप से सालाना वास्तविक जीएसडीपी वृद्धि दर 4.47 प्रतिशत रही, जो आर्थिक मजबूती और महामारी के बाद की सुधार प्रक्रिया को दर्शाती है।
समीक्षा में कहा गया, ‘इसी अवधि के दौरान वृद्धि दर दिल्ली और हिमाचल प्रदेश से अधिक और हरियाणा से थोड़ी अधिक है।’
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आर्थिक समीक्षा पेश की। इसमें जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था का आकार बाजार मूल पर लगभग 2.86 लाख करोड़ रुपये और वास्तविक आधार पर 1.50 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया गया है।
समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया कि केंद्र शासित प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 1,68,243 रुपये अनुमानित है। प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि वित्त वर्ष 2019-20 से 2024-25 के बीच हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा जैसे कई उत्तरी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तुलना में अधिक है।
जम्मू-कश्मीर का राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान लगभग 0.8 प्रतिशत है।
समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया कि क्षेत्र-वार प्राथमिक क्षेत्र का वित्त वर्ष 2025-26 में सकल राज्य मूल्य वर्धित (जीएसवीए) में 20.45 प्रतिशत योगदान का अनुमान है।
यह क्षेत्र आज भी रोजगार का मुख्य स्रोत है और कुल कार्यबल का लगभग 43 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र में काम करता है।
समीक्षा में कहा गया कि वित्त वर्ष 2025-26 में सकल राज्य मूल्य संवर्धन (जीएसवीए) में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों का योगदान क्रमशः 20.45 प्रतिशत, 18.52 प्रतिशत और 61.02 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
भाषा योगेश रमण
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