मुंबई, 22 जून (भाषा) जेट एयरवेज दिवाला समाधान प्रक्रिया का संक्षिप्त घटनाक्रम इस तरह है-
17 अप्रैल, 2019 — नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने परिचालन बंद किया।
20 जून, 2019 – एसबीआई के नेतृत्व वाले ऋणदाताओं के संघ ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में दिवाला याचिका दायर की।
13 मार्च, 2020 — जेट एयरवेज किसी भी बोलीदाता को आकर्षित करने में विफल रही तथा एनसीएलटी से समाधान प्रक्रिया के लिए कुछ और समय मांगा।
18 मार्च, 2020 — एनसीएलटी ने समाधान प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय की मंजूरी दी।
14 जून, 2020 — एनसीएलटी ने जेट एयरवेज पर बकाये के दावों के निपटान, विदेशी कर्ज चुकाने के लिए बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी)-मुंबई में उसके परिसर को बेचने की अनुमति दी।
17 अक्टूबर, 2020 — लेनदारों की समिति (सीओसी) ने जालान कलरॉक गठजोड़ की समाधान योजना को मंजूरी दी।
25 फरवरी, 2021 — एनसीएलटी ने विमानन नियामक डीजीसीए को स्लॉट के लिए एयरलाइन के अनुरोध का जवाब देने के लिए और समय दिया।
9 मार्च, 2021 — डीजीसीए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एनसीएलटी को सौंपे हलफनामे में स्लॉट पर कोई आश्वासन देने से इनकार किया।
3 जून, 2021 — मंत्रालय ने एनसीएलटी को बताया कि जेट एयरवेज को ऐतिहासिक वरीयता के आधार पर स्लॉट नहीं दिया जा सकता।
22 जून, 2021 — एनसीएलटी ने जालान कलरॉक गठजोड़ की समाधान योजना को मंजूरी दी, खबरों के मुताबिक स्लॉट मंत्रालय या उपयुक्त प्राधिकारण द्वारा तय किया जाएगा।
भाषा
पाण्डेय मनोहर
मनोहर