नयी दिल्ली, 23 मई (भाषा) जिंदल स्टेनलेस और हरियाणा सरकार ने स्टेनलेस स्टील के उपयोग और विनिर्माण के क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए अपने समझौते को तीन साल के लिए बढ़ा दिया है।
जिंदल स्टेनलेस (जेएसएल) ने शनिवार को एक बयान में कहा कि कंपनी ने हरियाणा राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड (एचएसबीटीई), पंचकूला के साथ अपने समझौता ज्ञापन का अगले तीन वर्षों के लिए नवीनीकरण किया है।
इस समझौते को आगे बढ़ाने का मकसद स्टेनलेस स्टील के इस्तेमाल और विनिर्माण के क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा एवं दक्षता विकास को प्रोत्साहन जारी रखना है।
जिंदल स्टेनलेस के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा, ‘‘हम पॉलिटेक्निक स्तर पर स्टेनलेस स्टील और उसके उपयोगों की तकनीकी समझ को मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों को उद्योग से जुड़ा अधिक अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में काम जारी रखेंगे। हम अगले चरण में इस कार्यक्रम का दायरा बढ़ाने और व्यावहारिक प्रशिक्षण के के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए तत्पर हैं।’
उन्होंने कहा कि यह समझौता जंग-प्रतिरोधी और उच्च क्षमता वाले स्टेनलेस स्टील के उपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कंपनी के देशव्यापी अभियान का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि जहां वैश्विक स्तर पर स्टेनलेस स्टील की प्रति व्यक्ति खपत औसतन छह किलोग्राम है, वहीं भारत में यह करीब 3.4 किलोग्राम है।
जेएसएल ने पहले से आईआईटी-खड़गपुर, एनआईटी तिरुचिरापल्ली और गति शक्ति विद्यालय जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी की है।
ओपी जिंदल समूह की कंपनी जिंदल स्टेनलेस देश की सबसे बड़ी स्टेनलेस स्टील उत्पादक है और दुनिया की शीर्ष 10 कंपनियों में शामिल है।
भाषा राजेश राजेश योगेश प्रेम
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