तिरुवनंतपुरम, 13 फरवरी (भाषा) केरल भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक ‘शहरी नीति’ तैयार करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। शुक्रवार को घोषित इस नीति में राज्य के शहरी विकास के लिए दीर्घकालिक रूपरेखा पेश की गई है।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में स्थानीय स्वशासन विभाग द्वारा तैयार ‘शहरी नीति’ के मसौदे को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह नीति पिछले लगभग दो वर्षों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
इस नीति की परिकल्पना में वर्ष 2050 तक केरल को ‘जलवायु-अनुकूल (क्लाइमेट-स्मार्ट) शहरों और कस्बों के एक निरंतर नेटवर्क’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जहां वैज्ञानिक नियोजन और सुशासन सुनिश्चित होगा।
इस पहल की घोषणा पहली बार 2023-24 के राज्य बजट में की गई थी। इसके बाद दिसंबर 2023 में सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को शामिल करते हुए ‘केरल शहरी नीति आयोग’ का गठन किया था। आयोग ने मार्च 2025 में मुख्यमंत्री को अपनी ‘नव केरल शहरी नीति’ रिपोर्ट सौंपी थी।
भाषा सुमित रमण
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