नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) रियल एस्टेट कंपनी लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड को अपने ‘भूमि बैंक’ से आने वाले वर्षों में करीब दो लाख करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने की उम्मीद है। कंपनी को उम्मीद है कि भूमि बैंक को बाजार में चढ़ाने से उसके पास नकदी प्रवाह बढ़ेगा।
लोढ़ा डेवलपर्स ने पिछले कुछ वर्षों में भूमि का व्यापक स्तर पर अधिग्रहण किया है, जिसमें सीधी खरीद और भू-स्वामियों के साथ संयुक्त उपक्रम दोनों शामिल हैं।
अपनी नवीनतम परिचालन जानकारी में लोढ़ा डेवलपर्स ने बताया कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर में 12 भूखंडों का अधिग्रहण किया। इन 12 भूखंडों पर मुख्य रूप से आवासीय परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनकी अनुमानित राजस्व क्षमता या सकल विकास मूल्य (जीडीवी) 60,000 करोड़ रुपये है।
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान, कंपनी ने 10 भूखंडों का अधिग्रहण किया था, जिनकी राजस्व क्षमता 23,700 करोड़ रुपये थी।
कंपनी ने कहा, ‘‘एक अप्रैल, 2026 तक, कंपनी के पास बिक्री के लिए उपलब्ध जीडीवी दो लाख करोड़ रुपये है (टाउनशिप में ‘लैंड बैंक’ को छोड़कर, जिसका उपयोग अगले पांच वर्ष में नहीं किया जाएगा)।’’
इसके परिणामस्वरूप, कंपनी ने कहा कि वह अगले 24 महीने में भूमि अधिग्रहण पर निवेश कम करेगी।
लोढ़ा डेवलपर्स की मुंबई महानगर क्षेत्र, पुणे और बेंगलुरु के आवासीय बाजारों में मजबूत उपस्थिति है। कंपनी ने हाल ही में दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में भी भूमि का अधिग्रहण किया है।
भाषा निहारिका अजय
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