(LPG Cylinder To PNG/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: LPG Cylinder To PNG: देश के करोड़ों घरों में खाना बनाने के लिए LPG सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, सरकार अब उन इलाकों में PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस (LPG Cylinder To PNG) को बढ़ावा देना चाहती है, जहां पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध है। इसका मकसद लोगों को सीधे पाइप से गैंस उपलब्ध कराना है और LPG के आयात पर भारत की निर्भरता कम करना है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत LPG विदेशों से मंगाता है। 2025 में करीब 2.2 करोड़ टन LPG आयात की गई थी। जिस पर करीब 12 अरब डॉलर खर्च हुए थे।
सरकार ने PNG वितरण करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए नई व्यवस्था (LPG Cylinder To PNG) शुरू की है। सितंबर से किसी नए घर को PNG से जोड़ने और गैस का इस्तेमाल शुरू कराने पर संबंधित कंपनी को 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर अतिरिक्त घरेलू गैस दी जाएगी। यह गैस बाजार में उपलब्ध गैस के मुकाबले सस्ती होगी। सरकार का ध्यान केवल नए कनेक्शन बढ़ाने पर नहीं है, बल्कि उन घरों में भी PNG का इस्तेमाल शुरू कराने पर है, जहां कनेक्शन तो है लेकिन गैस का उपयोग नहीं किया जा रहा।
भारत में LPG की पहुंच PNG की तुलना में काफी ज्यादा है। 1 जुलाई 2026 तक देश में करीब 33.14 करोड़ घरेलू LPG ग्राहक थे। वहीं घरेलू PNG कनेक्शनों की संख्या करीब 1.74 करोड़ थी। आंकड़ों से साफ है कि दोनों के बीच बड़ा अंतर मौजूद है। सरकार इसी अंतर को कम करने और पाइप वाली गैस का नेटवर्क बढ़ाने पर जोर दे रही है।
PNG नेटवर्क बढ़ाने के लिए कंपनियों को शहरों और इलाकों में पाइपलाइन बिछानी पड़ती है। घरों तक कनेक्शन पहुंचाने और गैस सप्लाई की व्यवस्था तैयार करने में भी बड़ा निवेश होता है। सरकार के अनुसार, सस्ती घरेलू गैस मिलने से कंपनियां अपने निवेश की भरपाई करीब तीन साल में कर सकती हैं। पहले इसी निवेश की वसूली में लगभग 10 साल तक लग सकते थे। इससे कंपनियों को तेजी से नए क्षेत्रों में नेटवर्क बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
फिलहाल ऐसा नहीं है। सरकार का लक्ष्य पूरे देश से LPG सिलेंडर (LPG Cylinder To PNG) को हटाना नहीं है। PNG की सुविधा केवल उन्हीं इलाकों में उपलब्ध हो सकती है जहां पाइपलाइन नेटवर्क मौजूद है। ग्रामीण और दूरदराज के ऐसे क्षेत्रों में जहां पाइपलाइन पहुंचाना मुश्किल है वहां LPG की सुविधा जारी रहेगी। इसलिए सरकार का मौजूदा फोकस LPG बंद करने के बजाय सुविधाजनक इलाकों में लोगों को PNG की ओर बढ़ाने पर है।