MP First Supplementary Budget: विधानसभा में वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश, 22 जुलाई को होगी चर्चा, स्कूली छात्रों को भी बड़ी सौगात..

Madhya Pradesh First Supplementary Budget: मध्य प्रदेश विधानसभा में 7,765.76 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट पेश, मेधावी छात्रों के लैपटॉप और बस सेवाओं के लिए प्रावधान।

MP First Supplementary Budget: विधानसभा में वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश, 22 जुलाई को होगी चर्चा, स्कूली छात्रों को भी बड़ी सौगात..

Madhya Pradesh First Supplementary Budget || Image- IBC24 News File

Modified Date: July 21, 2026 / 10:55 pm IST
Published Date: July 21, 2026 10:55 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 7,765.76 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पेश।
  • मेधावी छात्रों के लैपटॉप के लिए 58.07 करोड़।
  • एनवीडीए और बस सेवाओं के लिए बड़ा प्रावधान।

भोपाल: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश किया। सरकार ने 7,765.76 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। इस पर 22 जुलाई को विधानसभा में चर्चा होगी। (Madhya Pradesh First Supplementary Budget) अनुपूरक बजट में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि सिंचाई परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण पर खर्च की जाएगी।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

बस सेवाओं के लिए भी बड़ा प्रावधान

सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा के लिए 101 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

मेधावी छात्रों को लैपटॉप के लिए राशि

अनुपूरक बजट में प्रतिभाशाली स्कूली छात्रों को लैपटॉप उपलब्ध कराने के लिए 58.07 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है। (MP First Supplementary Budget) सरकार का कहना है कि इससे मेधावी विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा में मदद मिलेगी।

UCC विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी

विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों के भारी हंगामे के बीच मध्यप्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को ‘मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता 2026’ विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। (Madhya Pradesh First Supplementary Budget) मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि आज विधानसभा में स्वर्णिम इतिहास लिखा जा रहा है क्योंकि इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद तीन तलाक या हलाला से जुड़े मामले अपराध की श्रेणी में आएंगे, एक से अधिक शादी पर रोक लगेगी, शादी और तलाक दोनों का पंजीयन अनिवार्य होगा तथा विवाहित या अविवाहित माता-पिता के जैविक या उनके द्वारा गोद लिए जाने समेत सभी प्रकार के बच्चों को उत्तराधिकार में समान कानूनी दर्जा मिलेगा।

उन्होंने कांग्रेस पर इस विधेयक का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सिर्फ मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वह ऐसा कर रही है। यादव ने कांग्रेस को आदिवासी विरोधी भी करार दिया और कहा कि इस विधेयक के दायरे से आदिवासी समाज को बाहर रखा गया है।

विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने सोमवार को विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन यह विधेयक पेश किया था, जिस पर आज सदन में चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत में ही कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य आरिफ मसूद ने विधेयक में संशोधन पेश किया और अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से इस विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश में अभी समान नागरिक संहिता की कोई जरूरत नहीं है। (Madhya Pradesh First Supplementary Budget) उन्होंने कहा कि इससे अधिक महत्वपूर्ण अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विधेयक को प्रवर समिति को भेजना चाहिए।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

इसके बाद सभी कांग्रेस सदस्य आसन के निकट आ गये और नारेबाजी आरंभ कर दी। हंगामे और नारेबाजी के बीच ही मुख्यमंत्री के जवाब के बाद तोमर ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले, राजधानी भोपाल के बाहरी इलाके जगदीशपुर (पूर्व में इस्लामपुर) में रविवार को आयोजित मंत्रिमंडल की विशेष बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गयी थी।

इन्हें भी पढ़ें:

किसान महापंचायत: शंभू बॉर्डर सील किए जाने के बीच दिल्ली जा रहे पंजाब के किसानों को रोका गया

अयोध्‍या में होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक के लिए पहुंचने लगे सदस्य

संभल के शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले की सुनवाई 25 अगस्त तक टली

रायलसीमा में 20,884 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं लागू कर रही है सरकार : नायडू

रिची मेहता की ‘फूलन’ टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित होगी


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown