नई दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र उर्वरक, कीटनाशक और बीज डीलर संघ (एमएएफडीए) और अखिल भारतीय डीलर संघ (एआईडीए) ने बृहस्पतिवार को पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा अमलीकरण अभियान से पूरे राज्य में किसानों को जरूरी कृषि-सामग्री की आपूर्ति में रुकावट आ सकती है।
एक बयान के अनुसार इस आह्वान से एकजुटता दिखाते हुए दस प्रमुख राष्ट्रीय कृषि-सामग्री संघों — एआईडीए, बीएएसएआई, आईएमएमए, ओएएमए, पीएमएफएआई, एसएफआईए, वीआईए, एमएमए, टीएपीएमए और आईएआईएमए — ने 27 अप्रैल को एक दिन के बंद की घोषणा करते हुए इस अनिश्चितकालीन बंद को अपना समर्थन दिया है। इस बंद को अन्य राज्यों के संघों से भी समर्थन मिला है। ये दस संघ एकीकृत कीट और पोषक तत्व प्रबंधन संचालन और योजना समिति गठबंधन के तहत काम करते हैं।
इस बंद में महाराष्ट्र में 10,000 से ज्यादा विनिर्माताओं और 85,000 डीलरों और वितरकों के शामिल होने का अनुमान है, जिससे खेतों के स्तर पर उर्वरकों, कीटनाशकों और बीजों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
उद्योग निकायों ने आरोप लगाया कि डीलरों पर सब्सिडी वाले उत्पादों के साथ-साथ बिना सब्सिडी वाले उर्वरकों को बेचने का दबाव डाला जा रहा है, और अगर किसी बैच का सिर्फ़ एक पैकेट भी गुणवत्ता जांच में फेल हो जाता है, तो उनके लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी जाती है, भले ही बाकी बैच नियमों के मुताबिक ही क्यों न हो।
ओएएमए के अध्यक्ष विजय ठाकुर ने इस बंद को ‘‘कृषि-उद्यमियों की गरिमा की रक्षा के लिए उठाया गया एक सामूहिक कदम’’ बताया। उन्होंने कहा कि अत्यधिक और जबरन अमलीकरण कार्रवाई सीधे तौर पर ईमानदार व्यवसायों और किसानों को नुकसान पहुंचा रही है। आईपीएनएम एसपीसी के संयोजक सुहास बुद्धे ने कहा कि उद्योग जगत से मिला व्यापक समर्थन इस स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
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