नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के बीच कमजोर कारोबारी धारणा के कारण चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की विनिर्माण वृद्धि इससे पिछली तिमाही की तुलना में धीमी रहने की आशंका है। उद्योग मंडल फिक्की की मंगलवार को जारी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है।
उद्योग मंडल ने कहा कि फिक्की विनिर्माण सर्वेक्षण पिछली तिमाही की तुलना में जून में समाप्त तिमाही में उत्पादन के लिए सतर्क भावना को दर्शाता है, जो पश्चिम एशिया संकट के संभावित प्रभाव का संकेत देता है।
तिमाही सर्वेक्षण के ताजा संस्करण में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही की तुलना में 93 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने उच्च या समान उत्पादन स्तर की बात कही थी। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में लगभग 77 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने उच्च या समान उत्पादन स्तर की सूचना दी।
यह नरमी मांग में भी स्पष्ट थी, क्योंकि 77 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में पिछली तिमाही के 89 प्रतिशत की तुलना में अधिक या समान ऑर्डर की सूचना दी थी।
हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में क्षमता उपयोग पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं देखा गया।
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