नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) ई-वीजा जैसी सुविधाओं से हुई प्रगति के बावजूद भारत की वीजा प्रणाली अब भी अन्य देशों की तरह सरल, व्यापक और पर्यटन-अनुकूल नहीं बन सकी है तथा वीजा प्रक्रिया को और भी आसान बनाने की जरूरत है। नीति आयोग की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में यह कहा गया है।
रिपोर्ट में ज़ोर दिया गया कि भारत की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए वैश्विक मानकों के अनुरूप वीज़ा सुविधा को बेहतर बनाना बहुत ज़रूरी होगा।
‘पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में वृद्धि की संभावनाएं सृजित करना’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की पहुंच बढ़ाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत करने के लिए वीजा सुविधा को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना आवश्यक है।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘इस अंतर को पाटना विकास को गति देने, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और वैश्विक पर्यटन प्रवाह में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए ज़रूरी है।’’
रिपोर्ट जारी करते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आतिथ्य क्षेत्र में कई तरह के लाइसेंस लेने जैसी जटिल अनुपालन प्रक्रियाएं निवेशकों के बीच अनिश्चितता पैदा करती हैं और निवेश की रुचि को कम करती हैं।
मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि वे अनुपालन संबंधी ज़रूरतों को खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि उन्होंने इन्हें पारदर्शी, समय-सीमा के भीतर पूरा होने वाला और सरल बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि मंज़ूरियां पहले ही ली जा सकें।
भाषा यासिर अजय
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